तीन लोगों की हत्या में दोषी बिहार के बाहुबली नेता और आरजेडी के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को बिहार के सिवान की विशेष अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। इस मामले में सुनवाई करते हुए नौ दिसंबर को अदालत ने शहाबुद्दीन को दोषी करार दिया था।
बिहार के सिवान से लगातार चार बार सांसद रहे शहाबुद्दीन पर तीन लोगों का अपहरण कर उनकी हत्या करने का अरोप था। शहराबुद्दीन ने अपने प्रतिद्वंदी प्रत्याशी ओम प्रकाश यादव के तीन समर्थकों को 2004 में अगवा कर लिया था।
इनमें से दो भाइयों को पूर्व सांसद शहाबुद्दीन ने 2007 में तेजाब से जलाकर हत्या कर दी थी जबकि तीसरे शख्स की हत्या 2014 में कर दी गई थी।
शहाबुद्दीन का तेजाब कांड
सीवान के चर्चित तेजाब कांड में विशेष अदालत ने दोषी शहाबुद्दीन को उम्रकैद की सजा सुनाई। न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव के बेंच ने शहाबुद्दीन के अलावा राजकुमार साह, आरिफ और शेख असलम को उम्रकैद व दस-दस हजार के जुर्माने की सजा सुनाई गई।
व्यवसायी चन्द्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू के दो पुतत्रों गिरीश राज और सतीश राज का अपहरण कर तेजाब से नहलाकर हत्या करने और साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाया गया था।
16 अगस्त 2004 को सीवान के प्रतापपुर में घटना को अंजाम दिया गया था। शहाबुद्दीन पर 302 , 201, 364 ए 120 बी के तहत कार्रवाई की गई। तीन अन्य आरोपियों पर दफा 302 व 201 के तहत सजा दी गई।
चुनाव लड़ने पर लगी रोक तो बीवी को लड़ाया
बिहार के लोकप्रिय नेता लालू प्रसाद यादव की पार्टी से सांसद रहे शहाबुद्दीन दो बार विधायक भी रहे चुके हैं। लेकिन उस पर तीन लोगों का अपहरण और उनकी हत्या करने का मामला दर्ज हुआ तो अदालत ने 2009 के लोकसभा चुनावों में शहाबुद्दीन के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
इसके बाद शहाबुद्दीन ने इन चुनावों में अपनी पत्नी हिना शहाब को चुनाव में उतारा लेकिन वह चुनाव नहीं जीत सकी थीं।
2007 से जेल में बंद शहबुद्दीन को हत्या के इरादे से तीन लोगों को अगवा करने का दोषी पाया गया था। इस मामले में शहाबुद्दीन आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।