गर्भवती बहू की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में पूर्व कांग्रेसी विधायक शादीराम और उनके परिजनों पर दिल्ली पुलिस ने शिकंजा कस लिया है।
इस मामले में पुलिस ने शादीराम सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें बेटा सुधांशु और बहू रेखा की देवरानी मनीषा शामिल हैं।
इन लोगों के खिलाफ दहेज हत्या और दहेज को लेकर उत्पीड़न से संबंधित मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने कहा कि मरने से पहले रेखा ने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा था।
केशवपुरम में शनिवार को शादीराम की 28 वर्षीय गर्भवती बहू की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। बहू का शव ससुराल में पंखे से लटका मिला था।
रेखा के पिता अशोक चौधरी ने आरोप लगाया था कि सुधांशु और उसके परिजन दहेज को लेकर पहले से ही प्रताड़ित करते रहे हैं। रेखा की करीब 10 महीने पहले सुधांशु से शादी हुई थी।
पुलिस के मुताबिक, डॉ. रेखा का मायका मौजपुर के घोंडा गांव में है। उसने मेरठ के एक कॉलेज से बीडीएस किया था। शादीराम परिवार के साथ त्रिनगर गांव में रहते हैं। उनके बेटे ने वकालत की है।
अशोक चौधरी के मुताबिक, दोपहर को उन्हें बेटी की मौत के बारे में सूचना दी गई। जब वे वहां पहुंचे तो फंदे से शव को उतार लिया गया था।
पिता ने बताया कि उनकी बेटी सात माह की गर्भवती थी। उन्होंने शादी में दो महंगी गाड़ियां भी दी थीं। इसके बावजूद उनकी बेटी को परेशान किया जा रहा था।
आरोप है कि सुधांशु अक्सर शराब के नशे में उसे पीटता था। उसकी सास भी परेशान करती थी। वह पांच दिन पहले ही मायके से लौटी थी।
उन्होंने बताया कि रेखा से जब भी मारपीट होती थी, वह उनको एसएमएस करके बता देती थी। सुबह भी उसने अपने ताऊ सुखबीर से बात की थी। पुलिस के मुताबिक मामले की जांच क्षेत्रीय एसडीएम कर रहे हैं।
शादीराम कमला नगर से दो बार कांग्रेसी विधायक रह चुके हैं।