दिल्ली के लाजपत नगर इलाके में दिनदहाड़े हुई लगभग 8 करोड़ रुपए की लूट को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बडी़ रकम कहां से आई।
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सवाल इसलिए भी उठ रहा है कि एक पीड़ित राजेश कालरा 2000 में हुए मैच फिक्सिंग में आरोपी है। उसमें दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हैंसी क्रोनिए, संजीव चावला समेत पांच और लोग आरोपी बनाए गए थे।
फरवरी-मार्च 2000 में इन लोगों पर भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली गई वनडे सीरिज को फिक्स करने के आरोपी हैं। कालरा जमानत पर फिलहाल बाहर है।
लाजपतनगर में हथियारबंद 6 युवकों ने मंगलवार सुबह 9:30 बजे चोरी की दो कार में सवार होकर आए और आहुजा के मैनेजर राकेश की कार में टक्कर मार दी। फिर 7.69 करोड़ रुपए और राकेश की कार ले फरार हो गए। यह रकम राजेश कालरा और उसके बिजनेस पार्टनर राहुल आहुजा की थी।
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लूटी गई रकम हवाला की तो नहीं है?
तफ्तीश के दौरान सबसे बड़ा सवाल यह है कि कहीं लूटी गई रकम हवाला की तो नहीं है। इस रकम को रियल टाइम ग्रॉस सैटलमेंट सिस्टम (आरटीजीएस) के लिए बैंक ले जाया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि कई बैंकों में आरटीजीएस होनी थी। माना जा रहा है कि इस मोटी रकम के आरटीजीएस के पीछे कोई बड़ा हवाला रैकेट हो सकता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए आरटीजीएस सिस्टम को अपनाया जाता है। दिल्ली पुलिस आयकर विभाग की भी सहायता ले रही है।
सीसीटीवी फुटेज से नहीं मिल रहा सुराग दिल्ली पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से कोई सहायता नहीं मिली है। कालकाजी से लेकर जीके और जीके से लेकर वारदात वाली जगह से कुछ दूरी पर कई सीसीटीवी कैमरे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बदमाशों के चेहरे कहीं भी सीसीटीवी कैमरों में कैद नहीं हुए हैं।
वैगन-आर कार में प्रेस का स्टीकर
बदमाशों ने जिस वैगन-आर कार को होंडा सिटी को रोकने के लिए प्रयोग किया, वह यूपी के नंबर की है। इस कार को 24 जनवरी को जहांगीरपुरी इलाके से लूटा गया था। बदमाशों ने इस कार को उसी स्टाइल में लूटा था, जिस स्टाइल में 7.69 करोड़ रुपए लूटे हैं।
जहांगीरपुरी थाने में वैगन-आर की लूट का मामला दर्ज है। कार के आगे वाले शीशे पर अंग्रेजी दैनिक अखबार का स्टीकर लगा हुआ था। कार पर सरजन आरडब्ल्यूए सेक्टर-5 वैशाली, गाजियाबाद का भी स्टीकर लगा हुआ था।
हुंडई वर्ना कार बदमाशों ने इस कार का प्रयोग वारदात के लिए किया था। इस कार में करीब चार या उससे अधिक बदमाश सवार होकर मौके पर आए थे। बताया जा रहा है कि हुंडई वर्ना कार मुंडका इलाके से 21 जनवरी को चोरी की गई थी।
इस कार में पुलिस को मिर्च का पाउडर, डंडे आदि मिले हैं। कार में पीछे एक नर्सरी क्लास के बच्चे की पुस्तक पड़ी हुई थी।
वारदात की टाइम लाइन
सुबह 8.30 बजे - राकेश ने कालकाजी से करीब तीन करोड़ रुपए लिए। 9.00 - वह हेमकुंड पहुंचा और करीब पौने पांच करोड़ रुपए लिए। ड्राइवर सुबोध, कर्मचारी बैजनाथ, मिश्रा और राजेश साथ थे। 9.20 - मूलचंद फ्लाईओवर से उतरते हुए लाला लाजपतराय मार्केट पर मूलचंद अस्पताल की विपरीत दिशा में हथियारबंद बदमाशों ने गाड़ी समेत कैश लूट लिया।
9.30 - ड्राइवर सुबोध ने 100 नंबर पर कॉल की। 9.34 - बदमाशों का पीछा कर रहे राकेश ने पुलिस को कॉल की। 10.10 - पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। 11.30 - बदमाशों की कार का पीछा कर मैनेजर राकेश वापस लौटा। 11.40 - क्राइम टीम मौके पर पहुंची, जांच की।
दोपहर 12.00 बजे -बदमाशों की दूसरी कार हुंडई वर्ना जंगपुरा मेट्रो स्टेशन के के पास खड़ी मिली। 1.00 - सीबीआई की सीएसएफएल टीम मौके पर पहुंची और जांच की। 1.30 बजे- अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव मौके पर पहुंचे। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का आना जारी था।
2.00 बजे- राकेश की होंडा सिटी सेवा नगर रेल क्रॉसिंग के पास (कोटला मुबारकपुर) मिली। 3.00 बजे- वैगन आर कार, हुंडई वर्ना और होंडा सिटी को लाजपतनगर थाने ले जाया गया।
पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि वारदात को अंजाम देने से पहले बदमाशों ने रूट की रैकी की। शुरुआती जांच में पुलिस को ऐसे क्लू मिले हैं कि यूपी और हरियाणा के बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार होंडा सिटी को प्रोटेक्शन देने वाली कार आई-20 उससे करीब आधा किलोमीटर पीछे रह गई थी। आई-20 कार में गनमैन बृजेश और संदीप व उसका भाई मंदीप थे। बताया जा रहा है कि गनमैन होने के कारण इस कार को होंडा सिटी के साथ ही चलना चाहिए था। आई-20 कार के इतने पीछे रह जाने को लेकर पुलिस का संदेह बढ़ गया है। कहीं जानबूझकर तो ऐसा नहीं किया गया।
आई-20 में सवार लोगों से जब पीछे रहने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जाम को कारण बताया। मगर पुलिस को इनका तर्क गले नहीं उतर रहा है। पुलिस गनमैन, संदीप और मंदीप से पूछताछ करने में लगी हुई है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार राहुल अहूजा और राजेश कालरा के यहां जो कर्मचारी काम करते हैं, उनमें से ज्यादातर कर्मचारी यूपी और हरियाणा के हैं। लूट की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश भी वारदात के समय यूपी की भाषा बोल रहे थे। इसके अलावा बदमाशों ने लूट में यूपी और हरियाणा नंबर की गाड़ियों को प्रयोग किया है। दिल्ली पुलिस ने यूपी और हरियाणा के बदमाशों का डोजियर खंगालना शुरू कर दिया था।