उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के सिसाना खादर में मुसाहिद की हत्या करने के बाद आरोपी उसकी गर्दन लेकर गांव नंगला रियावली में तैमूर की पत्नी के पास पहुंचे। उसके बाद पूरे गांव में गर्दन लेकर घूमे और जश्न मनाया। मुसाहिद के परिजनों की माने तो तैमूर की पत्नी ने पहले ही गांव नंगला रियावली में ऐलान कर रखा था कि जो भी मुसाहिद की गर्दन काटकर उसके पास लाएगा, उसे मुंह मांगा इनाम मिलेगा।
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तैमूर गैंग के लोग मुसाहिद की जान के दुश्मन बने हुए थे। इसी कारण मुसाहिद गांव में नहीं रहता था। मुसाहिद की धोखे से निवाड़ा लाकर हत्या की गई है। हत्या करने के बाद आरोपी उसकी गर्दन और अन्य अंगों को लेकर नंगला रियावली गांव में पहुंचे। उन्होंने तैमूर की पत्नी को सबसे पहले मुसाहिद की गर्दन और अन्य अंग दिखाए।
उसके बाद आरोपियों ने हर्ष फायरिंग और डीजे बजाकर जमकर जश्न मनाया। फिर मुसाहिद की गर्दन को लेकर गांव में घूमे। उधर, पकड़े गए आरोपी तौहीद ने बताया कि उसके साथियों ने कपड़े उतारकर मुसाहिद की हत्या की थी। हत्या करने में शामिल रहा अज्ञात व्यक्ति जाते समय अपने हाथ में कपड़े में कोई सामान ले रहा था।
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यमुना में अंगों की तलाश
वह क्या ले रहा था? इसकी उसे जानकारी नहीं है। वह तो यमुना से वापस अपने घर चला गया था। अन्य लोग कहां पर गए? उसे जानकारी नहीं है।
इस बारे में कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह यादव का कहना है कि मृतक मुसाहिद के परिजनों ने इस तरह की बातें की है, लेकिन ऐसा नहीं है। हत्यारोपियों ने मुसाहिद की गर्दन और अन्य अंग यमुना में ही फेंके है। उन्हें तलाश किया जा रहा है।
वहीं पुलिस और गोताखोरों ने मिलकर शुक्रवार सुबह से शाम तक मुसाहिद की कटी हुई गर्दन और अन्य अंगों की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
दोस्त की जान बचाने के लिए हत्यारोपी को मारा
इस मामले में आरोपी तौहीद ने सनसनीखेज खुलासा किया है। तौहीद ने कहा कि यदि वह हत्यारोपी मुसाहिद को न मारता, तो वह उसके दोस्त कासिम की हत्या कर देता। इसलिए मुसाहिद को ठिकाने लगा दिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी तौहीद ने बताया कि मेरठ के पिटलोखर निवासी कासिम से उसकी बचपन की दोस्ती है।
कासिम की नंगला रियावली के अली मोहम्मद के परिवार से रंजिश चली आ रही है। अली मोहम्मद के परिवार के कई लोग मुजफ्फरनगर जेल में बंद है। उनके इशारों पर मुसाहिद घटना को अंजाम देता था। मुसाहिद उनके कहने पर ही कासिम की हत्या करने के फिराक में था। तौहीद का कहना है कि मुसाहिद ने चार दिन पूर्व उसे लालच दिया था कि एक लाख रुपये लेकर कासिम को उसे दे दे।
यह बात उसने अपने दोस्त कासिम को बता दी थी। उसे डर था कि मुसाहिद किसी अन्य लोगों के साथ कासिम का सौदा कर सकता है, तभी से उसने मुसाहिद को ठिकाने लगाने की तैयारी कर ली थी। 15 सितंबर को कासिम को देने के बहाने से मुसाहिद को निवाड़ा गांव में बुलवा लिया था।
बुधवार शाम मुसाहिद को पहले खाने में नींद की गोली दी। देर रात उसके कहने पर उसका साला मनव्वर, अपने साथी नासिर, खालिद उर्फ सोनू और एक अन्य के साथ मिलकर मुसाहिद को सिसाना गांव के यमुना खादर में ले गया। वहां पर उन्होंने मुसाहिद के एक-एक टुकड़े करके यमुना में बहा दिए। तौहीद का कहना है कि उसने मुसाहिद की हत्या नहीं की, लेकिन उसे मारते हुए जरूर देखा है।
पहले गला दबाकर की थी हत्या
तौहीद का कहना है कि जिस समय
नौशाद के घर से मुसाहिद को उसके साथी ले गए, उस समय वह होश में आ गया था।
उसने विरोध भी किया था। शोरशराबा होने पर पड़ोस के लोग जाग गए थे। इस पर
उसके साथी मुसाहिद को कंधे पर डालकर ले गए थे।
इस दौरान मुसाहिद ने उनके
साथ हाथापाई भी की थी। उसी समय कपड़े से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी।
बाद में यमुना पर ले जाकर उसके टुकड़े किए गए, जबकि पुलिस का कहना है कि
यमुना पर ही मुसाहिद को मारा गया है।
नंगला रियावली गांव के मुसाहिद की हत्या के बाद पुलिस को कई अहम जानकारी मिली है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मुसाहिद ने हाल में ही बुढ़ाना के एक निजी चिकित्सक से पांच लाख रुपये की रंगदारी वसूली थी। इसके अलावा वह सुपारी लेकर लोगों की हत्या करता था।
पुलिस के मुताबिक मुसाहिद, अपने गांव से बाहर रहकर अपराध करता था। वह
सुपारी लेकर हत्या करता था। इतना ही नहीं वह व्यापारियों और अन्य बड़े
लोगों से रंगदारी भी वसूलता था। पांच-छह दिन पूर्व उसे बुढ़ाना के एक निजी
चिकित्सक से पांच लाख रुपये की रंगदारी वसूली थी। हालांकि उसके खिलाफ इस
मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है
पकड़े गए तौहीद ने भी इसका खुलासा किया
है कि मुसाहिद पेशेवर अपराधी था। वह रुपए लेकर हत्या करता था। उसने कई
हत्याएं की थी। उसने रंगदारी वसूलने की जानकारी होने से इंकार किया है। इस
बाबत सीओ नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि मुसाहिद के बारे में रंगदारी
वसूलने और सुपारी लेकर हत्या करने की जानकारी मिल रही है। इसका पता लगाया
जा रहा है।
पकड़े गए आरोपी
नौशाद के खिलाफ मृतक के परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। मुसाहिद के
परिजनों ने पुलिस से कहा कि नौशाद ने घटना नहीं की है। नौशाद मुसाहिद का
मौसेरा भाई है। हालांकि पुलिस उनकी बात पर विश्वास नहीं कर रही है। पुलिस
उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।