आधार कार्ड कैंप में दो पक्षों के बीच अंधाधुंध गोलीबारी में एक फौजी और उसके भाई समेत तीन लोगों की मौत हो गई। आधा दर्जन से अधिक लोग लहूलुहान हो गए।
सूचना मिलते ही राजापुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी और पहाड़ी थानाध्यक्ष फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित भीड़ ने शव उठाने से रोक दिया। देर रात तक आला अधिकारियों की मौजूदगी में पूरा इलाका छावनी बना रहा।
शुक्रवार को विद्यालय में आधार कार्ड बनाए जा रहे थे। शाम को प्रधान रामबरन और दूसरे पक्ष से फौजी उमाशंकर द्विवेदी (40) के बीच किसी बात पर विवाद हो गया।
दोनों पक्षों में गोलियां चलने लगीं। एक घंटे तक अंधाधुंध फायरिंग और पथराव होता रहा। करीब 50 राउंड से अधिक गोलीबारी हुई। इस दौरान ओरा और आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।
गोली लगने से फौजी उमा शंकर और उनका भाई राजू (35) जमीन पर गिर पडे़। जब तक लोग उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश करते, दोनों ने दम तोड़ दिया।
गोली बारी में दूसरे पक्ष से भी एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई। उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। फायरिंग में ग्राम प्रधान का बेटा सुशील, एक अन्य युवक रावेंद्र पांडेय समेत आधा दर्जन लोग घायल हो गए।
सीओ राजपुर सत्यवीर सिंह ने बताया कि आधार कार्ड के विवाद में गोलियां चली हैं। दो सगे भाइयों की गोली लगने से मौत हुई है। एक अन्य की भी जान जाने की अपुष्ट सूचना है। गांव में तनाव का माहौल देखते हुए फोर्स तैनात कर दी गई है।