बंगलुरु में एक फैशन डिजाइनर 26 वर्षीय ईशा ने तीन दिन पहले आत्महत्या कर ली थी जिसमें सनसनीखेज खुलासा हुआ। ईशा ने गूगल के जरिये आत्महत्या करने का तरीका खोजा था।
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इस सनसनीखेज आत्महत्या की पहली सुलझाने में लगी फॉरेंसिक टीम ने ईशा के स्मार्ट फोन की जांच कर जान देने के पीछे रही वजह और आत्महत्या करने के तरीके के बारे में जो जानकारी हासिल की है वह बेहद हैरान करने वाली है।
बंगलुरु मिरर के अनुसार, फैशन डिजाइनर ईशा के फोन सर्च के आधार पर जानकारी मिली है कि उसने गूगल में सर्च कर आत्महत्या का करने तरीका पता किया था।
उसने गूगल में पहले ये सर्च किया कि आत्महत्या कैसे करते हैं और फिर आत्महत्या का सबसे अच्छा तरीका क्या है यह भी सर्च किया था। इसके बाद जब उसे आत्महत्या करने सही तरीका पता चल गया तो उसने आत्महत्या करने की जगह की रेकी की और फिर उसके अगले दिन एक बिल्डिंग की 13वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी।
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89 बेवसाइटों में ढूंढ़ा आत्महत्या का सही तरीका
आत्महत्या करने वाली ईशा हांडा के स्मार्ट फोन की पुलिस ने 48 घंटे तक जांच की जिस में आत्महत्या के बारे में काफी कुछ विस्तार से जानकारी मिली। पुलिस ने पाया कि आत्महत्या करने का सबसे सही तरीका जानने के लिए ईशा ने 89 वेबसाइटों को पढ़ा था। और फिर अंत में आत्महत्या का सबसे असरदार तरीका अपनाकर आत्महत्या कर ली थी।
पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला है कि इशा ने जब आत्महत्या के तरीकों के बारे में सर्च किया तो उसे ट्रेन के सामने कूदकर जान देने, जहर खाना, ज्यादा मात्रा में नींद की गोली खाना, फांसी लगाना, डूबकर मरना, करंट लगाना, दम घोंटना, और छत से कूद कर मरना जैसे तरीकों के बारे में जानकारी मिली थी।
जांच में यह भी पता चला है कि ईशा ने इन सभी तरीकों से सुसाइड करने के बाद किस तरीके में जिंदा रहने के चांस कितने रहते हैं यह भी जानकारी हासिल की थी। ईशा को जो तरीका आत्महत्या का पसंद आया उसके लिए टैक्सी लेकर एक इलाके में गई और इसके बाद फिर उसने पूरी तैयारी के साथ आत्महत्या की कर ली। हालांकि मामले में पुलिस को अभी तक आत्महत्या की वजह का पता नहीं चल पाया है।
सहेली से कहा कि वह अब देर से लौटेगी
गूगल के जरिए आत्महत्या करने का सबसे सही तरीका जानने के बाद ईशा ने रविवार को करीब चार बजे शाम को एक टैक्सी बुलाई और फिर अपनी फ्लैटमेट से कहा कि वह व्यक्तिगत काम से कहीं जा रही है और फिर वह टैक्सी में बैठकर सूरजपुर रोड में ऊंची बिल्डिंग ढूंढ़ने निकल पड़ी।
ऑनलाइन टैक्सी बुकिंग और उसकी पे स्लिप के जरिए पुलिस को जानकारी मिली है ईशा ने जिस बिल्डिंग से कूदकर जान दी उससे पहले उसने दो और बिल्डिंग पर चढ़ी थी लेकिन वो बिल्डिंग उसे कम ऊंची लग रही थीं तो उसने फिर तीसरी बिल्डिंग पर चढ़ी जो 13 मंजिल की थी।
बताया ता जा रहा है कि इन तीनों इमारतों को हर तरह से देखने में उसने करीब साढ़े तीन घंटे लगाया और फिर अंत में करीब 8:30 बजे शाम को शोभा क्लासिक नामकी बिल्डिंग से कूदकर जान देदी।
आत्महत्या के एक दूसरे मामले में दिल्ली से सटे शहर गाजियाबाद में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले 13 वर्षीय किशोर ने व्हाट्सऐप पर मैसेज लिखा, ‘जहां इंसान से ज्यादा पैसों की कीमत है, मुझे ऐसी दुनिया में नहीं जीना।’
अपने जन्मदिन के दिन इस आखिरी अपडेट के बाद स्वर्णिम उर्फ शानू ने फांसी के फंदे पर लटक कर जान दे दी। शानू अलग रह रहे अपने माता-पिता को एक करना चाहता था। जीते जी ऐसा नहीं कर पाया मगर जाते-जाते वह उन्हें साथ रहने को मजबूर कर गया।
शानू के माता-पिता पिछले नौ सालों से अलग रह रहे हैं। मां दुबई की एक एमएनसी में नौकरी करती हैं, जबकि पिता शाहदरा में फोटोग्राफर हैं। शानू अपने नाना धर्मपाल सिंह और नानी कल्पना के साथ कृष्णा कॉटेज, गली नंबर-9, वैशाली, गाजियाबाद में अपने बड़े भाई शिखर (18) के संग रहता था।
सनवैली इंटरनेशनल स्कूल में शानू नौवीं व उसका भाई दसवीं कक्षा में पढ़ते थे। स्कूल में पैर में फ्रैक्चर होने के बाद वह अपने भाई के साथ पिछले 15 अगस्त से अपनी मौसी सीमा के पास गली नंबर-4, कबीर नगर, वेलकम में रह रहा था।
सोमवार देर रात तक शानू अपने भाई और मौसी की बेटी साक्षी के साथ बैठकर बातें करता रहा। इसके बाद दोनों भाई कमरे में सोने चले गए। सोते समय अचानक जब शिखर की आंख खुली तो उसने देखा कि शानू फांसी के फंदे पर झूल रहा था। परिजन फौरन उसे फंदे से उतारकर नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां से उसे जीटीबी रेफर कर दिया गया।