एक महिला ने अपने पति के मरने के बाद भी उसे 'जिंदा' रखा और सरकारी सुविधाओं का फायदा उठाती रही। इससे महिला ने करीब 71 लाख रुपए इकट्ठे कर लिए।
वेस्ट वेल्स की 56 वर्षीय रेबेका स्टर्डे के पति जिओफ्रे की मृत्यु साल 2008 में हो गई थी लेकिन पुलिस को उनका शरीर पिछले साल 2012 में मिला।
रेबेका ने अपने पति की मौत के बारे में बिना किसी को बताए लाश को खेत में ही गाढ़ दिया था। इसके बाद उसने चार साल तक अपने पति को कागजों में जिंदा रखा और उनकी विकलांगता व पेंशन का भत्ता लेती रही।
इस काम में उनके साथ रहने वाली दो महिलाओं बोकर ओरे एडी और कारमेल एडी ने भी साथ दिया।
पेंशन विभाग की जांच से खुलासा
तीनों महिलाएं और बोकर की बेटी हेजल एडी साठ साल के जिओफ्रे के साथ रहती थीं। अपने पति के विकलांग होने के बाद रेबेका उसकी 20 एकड़ जमीन में काम करने में मदद करती थीं। उन्होंने बोकर एडी को जिओफ्रे की देखभाल के लिए रखा था।
मामला तब सामने आया जब कार्य और पेंशन विभाग के जिओफ्रे के बारे में जानकारी इकठ्ठा की और इस दौरान पुलिस को उनकी लाश मिली।
रेबेका और बोकर ने अपना गुनाह कबूल लिया है। इन दोनों और कारमेल को कानूनी और उचित तरीके से लाश दफन न करने के लिए दोषी पाया गया है और जेल भी हो सकती है।
कारमेल अभी जमानत पर रिहा हैं। बोकर की 20 वर्षीय बेटी हेजल को निर्दोष पाया गया है।