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पति की गुप्त बातें नोट करती थी 'नकली दुल्हन'

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इंग्लैंड के शेफील्ड शहर में 'नकली दुल्हन' के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस दौरान पकड़ी गई एक महिला के पास से उसके पति के बारे में कई अहम जानकारियों की सूची भी बरामद की गई है।
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महिला के पास मिली लिस्ट में उसके पति की लंबाई, वजन और जूते के साइज के अलावा इस बात का भी जिक्र था कि वे कैसे मिले और कब-कब उनके बीच शारीरिक संबंध बने।

मामले का खुलासा तब हुआ जब सात पुरूष और महिलाओं को फर्जी तरीके से वीजा हासिल करने का आरोपी पाया गया। इनमें से चार पुरुष पाकिस्तानी हैं जिन्हें ब्रिटिश महिलाओं के पति के तौर पर पेश किया जा रहा था।
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इन महिलाओं को करीब 7 हजार यूरो देकर यूरोप के विभिन्न शहरों में होने वाले फर्जी समारोहों में हिस्सा लेने के लिए राजी किया जाता था। इन्हें मसूद रसब नाम के व्यक्ति ने ऐसा काम करने के लिए मनाया था।

पति से दूर रहती थी महिला

डेली मेल के अनुसार, इंग्‍लैंड के शेफील्ड कोर्ट में ट्रायल के दौरान पेश हुए रसब के अलावा तीन 'दुल्हनें' दो 'दूल्हों' के अलावा एक अन्य आरोपी भी मौजूद था। इसके धंधे के जरिए ये लोग बड़ा मुनाफा कमा रहे थे।

रसब पर आरोप है कि चार ब्रिटिश नागरिकों की मदद से दुल्हनों को पहुंचाने का काम कर रहा था। जब एक महिला ने इस काम से भागने की कोशिश की तो उसे व उसके बच्चों को बुरी तरह सताया गया।

इस गैंग ने एक 7 हजार यूरो में दूसरी महिला को भी राजी किया जा अपने पति से दूर रहती थी। उसने कोर्ट में कहा कि एक अकेली महिला के लिए बेरोजगारी भी फायदे का सौदा है।

जबकि तीसरी महिला ने अपने पति को मैसेज भेजकर उनका पता ढूंढ़ने के लिए कहा था। जानकारी मिलने के बाद जब पुलिस अधिकारी महिला के घर पहुंचे तो उन्हें उसके पति मुहम्मद इशाक के बारे में पूरी जानकारी मिली।

पैसे के लिए कर डाली चार शादियां

फर्जी शादी से पहले महमूद ने दूसरी दुल्हनों को 250 यूरो कमीशन देकर साथ चलने के लिए मनाया। इनमें से एक कीले कॉक्स ने कोर्ट में अपना गुनाह कबूल किया कि उसने कानून तोड़कर एक आरोपी यासिर अवान से शादी की।

कोर्ट को यह बताया गया कि कॉक्स को वर्ष 2012 में फर्जी शादी के लिए राजी किया गया था और तभी महमूद और अन्य दो लोगों ने उसके घर जाकर उसे पैसे ऑफर किए थे।

हालांकि उस वक्त उसने इस साजिश से निकलने की कोशिश की थी लेकिन उसे व उसके बच्चों को बुरी तरह सताया गया था।

वादी वकील ने बताया कि यह नकली शादी का मामला है। इसमें इन्होंने चार शादियां की और इसमें कही भी पैसा या सम्मान नहीं था। इनके इस काम के पीछे सिर्फ पैसा और लालच ही थी।

शादी की एवज में लिए 7 हजार यूरो

वकील ने यह भी बताया कि यूरोप के कानून के मुताबिक अगर कोई भी विदेशी नागरिक किसी ‌ब्रिटिश नागरिक के प्रेम करता है तो वह उस देश में रहने के लिए अनुमति ले सकता है।

इस केस में पकड़ी गई चार महिलाएं ऐसे व्यक्तियों के साथ शादी करने को राजी थीं जिन्हें वह जानती भी नहीं। ये काम वह सिर्फ पैसे के लिए करती थीं।

वकील ने कोर्ट को बताया कि पहली शादी स्टूडेंट वीजा पर ब्रिटेन में रह रहे पाकिस्तानी नागरिक गुल खताब (35) और ट्रेसी कॉल्‍स्टॉक (48) के बीच हुई थी।

इन दोनों ने जनवरी 2010 में हैटफील्ड के रजिस्ट्रार ऑफिस में शादी की थी। हालांकि शादी के बाद खताब अपनी नई पत्नी के साथ रहने के बजाय उससे करीब 150 किलोमीटर दूर रहता था और वहीं नौकरी करता था। उसने अपनी पत्नी को इसकी एवज में 7 हजार यूरो दिए।
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शादी के 5 महीने बाद किसी और के साथ

दूसरी शादी सबरीना खान और उमैर हुसैन के बीच हुई थी। इसके पहले दिसम्बर 2011 में हुसैन ने अपना स्टूडेंट वीजा एक्सपायर होने के छह सप्ताह पहले रजिस्ट्रार ऑफिस में शादी के लिए आवेदन किया था।

बाद में जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि शादी से पहले उसने खान के अकाउंट में 2000 यूरो ट्रांसफर किए थे। इससे साबित होता है कि उसने उसे खरीदा था। हालांकि खान पहले से शादीशुदा थी लेकिन उसने अविवा‌हित होने का नाटक किया।

खान के फोन पर मिले मैसेज से यह भी खुलासा हुआ कि पांच महीने बाद ही उसके किसी और व्यक्ति के साथ संबंध बन गए थे।

इस मामले में रसब, हुसैन, खान, महमूद, खताब और कॉलस्टॉक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया। इनके अलावा ताहिर सिद्दीकी को भी इस घोटाले में अपने घर का पता इस्तेमाल करने देने का आरोपी बनाया गया है। हालांकि उसने भी इससे इंकार किया है। मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
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