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यूपी: 12वीं की छात्रा से रेप केस में DSP दोषी करार

Sat, 16 Aug 2014 11:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
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मेरी जन्मतिथि सात सितंबर 1995 है। अमरजीत सिंह मेरे पापा के अच्छे दोस्त थे। मैं उन्हें 2010 से जानती हूं। वह मुझे अपनी बेटी कहते थे। मेरे मम्मी और पापा दोनों सर्विस करते हैं। नवंबर 2010 की बात है।
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मैं घर पर अकेली थी तभी अमरजीत सीओ कैंट मेरे घर आए। मैंने उनके कहने पर दो कप चाय बनाई। उन्होंने पानी और बिस्कुट मांगे। मैं किचन से लेकर पांच मिनट बाद आई। इसी बीच अमरजीत ने मेरी चाय में नशीली गोली मिला दी थी। चाय पीने के बाद मुझे बेहोशी आने लगी।

अमरजीत शाही एक बजे दिन में आए थे। मैं बेहोश होकर नीचे गिर गई। चार-पांच बजे शाम को मुझे होश आया तो मेरे कपड़े अस्त-व्यस्त थे। दर्द हो रहा था। अमरजीत ने मुझे 5454401456 नंबर से धमकी दी कि अगर मम्मी-पापा को कुछ बताया तो इसका अंजाम अच्छा नहीं होगा।
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नशीली चाय पिलाकर किया बलात्कार

दूसरे दिन अमरजीत मेरे घर आए तो मोबाइल पर मेरी अश्लील तस्वीरों की लाइव वीडियो दिखाई। उसने मेरे साथ किए बलात्कार का एमएमएस बना रखा था। वह मुझे मारपीट कर मेरी इच्छा के खिलाफ मेरे पापा और अन्य व्यक्तियों के बारे में गलत बातें डायरी में लिखवाता था।

दरअसल, यह कहानी कनपुर के एक लड़की की है। यह बयान अभियोजन के बताए अनुसार संक्षेप में है। यह घटना नवंबर 2010 के दूसरे सप्ताह की बताई गई थी। तब अमरजीत सीओ सीसामऊ थे। बाद में सीओ कैंट बने थे। यह मामला विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी श्रीप्रकाश की कोर्ट में चल रहा था।

12वीं की इस छात्रा के पिता ने 15 मार्च 2012 को थाना चकेरी में प्रतापगढ़ में तैनात सीओ अमरजीत सिंह के खिलाफ बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने, शादी या संभोग के लिए अवरुद्ध करने, छेड़छाड़ करने और मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

कोर्ट में सीओ दोषी करार, निलंबित

एक नाबालिग छात्रा से रेप में सीओ अमरजीत सिंह (निलंबित) को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी श्रीप्रकाश की कोर्ट 16 अगस्त को सजा सुनाएगी। मुकदमे में पीड़िता के बयान अहम रहे। अभियोजन की तरफ से नौ और बचाव पक्ष की तरफ से दस गवाह पेश किए गए थे।

अभियोजन अधिकारी सीएल सोनकर ने बताया कि छात्रा के बयान के बाद कोर्ट ने सीओ के खिलाफ बहला-फुसलाकर भगा ले जाने, शादी या संभोग के लिए अवरुद्ध करने, रेप करने, मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने और दलित उत्पीड़न का आरोप तय किए थे।

अभियोजन अधिकारी ने बताया कि पीड़िता के 164 के बयान के बाद रेप की धारा में आरोप तय हुआ था। गुरुवार को कोर्ट ने सीओ को दोषी करार देते हुए अभिरक्षा में लेने का आदेश दिया। इस पर पुलिस ने सीओ को अभिरक्षा में ले लिया। इसके बाद कोर्ट ने 16 अगस्त को फैसला सुनाने का आदेश दिया।
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महिलाओं ने लगाए शेम-शेम के नारे

अमरजीत सिंह के खिलाफ महिलाओं ने शेम-शेम के नारे लगाए। कुछ युवा अधिवक्ता सीओ के साथ मारपीट करना चाहते थे। भारी पुलिस फोर्स ने बमुश्किल अमरजीत सिंह को सुरक्षित कोर्ट परिसर से निकालकर जेल पहुंचाया।

अमरजीत को दोषी करार दिए जाने की जानकारी पाकर कई सामाजिक संगठनों की महिलाएं कोर्ट के बाहर जमा हो गई थीं। वकीलों की भारी भीड़ दोपहर बाद पहले से ही जमा थी। अमरजीत सिंह के साथ मारपीट और अभद्रता की आशंका पर काफी फोर्स बुला ली गई थी।

महिला सिपाही भी तैनात कर दी गईं थीं। अमरजीत को कोर्ट से बाहर निकालने से पहले कोतवाली इंसपेक्टर ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया तो महिलाएं शेम-शेम के नारे लगाने लगीं। पुलिस ने माहौल देख अमरजीत सिंह को कोर्ट के पीछे के दरवाजे से निकाला तो शोर होने लगा। महिलाएं और वकील उधर भागे।

कचहरी चौकी के सामने खड़ी जीप में सीओ को बैठाया जाने लगा तो कुछ वकील और महिलाएं उस ओर लपकी। पुलिस ने लोगों को पीछे करते हुए अमरजीत को जीप में बैठा लिया और जेल पहुंचा दिया।
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