शहर की पॉश कॉलोनी ईरा गार्डन में मंगलवार तड़के रागिनी गायिका और उसके पति की धारदार हथियारों और जेनरेटर की हैंडिल से हमला कर हत्या कर दी गई। महिला आठ माह की गर्भवती थी। दंपति का सात साल का बेटा बच गया। हत्यारोपी मर्डर के बाद फ्लैट से करीब 40 लाख रुपये और 25 लाख के जेवरात लूटकर फरार हो गए।
विज्ञापन
इस सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने चार घंटे बाद ही खुलासा करते हुए गायिका के नौकर और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से धारदार हथियारों के साथ ही 61 हजार 500 रुपये और 20 लाख के जेवरात बरामद हो गए। हत्या का कारण आरोपी नौकर ने लूटपाट के साथ ही बुरे बर्ताव का बदला लेना बताया।
पुलिस के अनुसार हांसी (हरियाणा) के धौलाकुआं निवासी रागिनी गायिका ललिता शर्मा उर्फ नाजिया (35) ने करीब नौ साल पहले पड़ोसी मोनू शेख से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों करीब तीन साल से ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ईरा गार्डन कॉलोनी के एन-103 एफ में प्रथम तल पर रह रहे थे। दोनों से सात साल का बेटा अयान है, जबकि ललिता वर्तमान में आठ माह की गर्भवती थी।
विज्ञापन
गायिका होने के चलते ललिता का अक्सर बाहर आना-जाना रहता था, जबकि मोनू प्रॉपर्टी डीलिंग करता था। बेटे अयान शेख की देखरेख के लिए दंपति ने सलमान उर्फ सेम निवासी ऊंचा सद्दीकनगर, लिसाड़ीगेट को नौकर रख रखा था। वह पूरा समय घर में ही रहता था। सलमान की ईरा गार्डन कॉलोनी में ही रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर एजेंट आदिल उर्फ आदी से दोस्ती थी, जिसका अक्सर ललिता के घर पर आना जाना था।
पहले ललिता और फिर मोनू को मारा
एसएसपी एसएस बघेल के अनुसार आदिल सोमवार रात भी ललिता के घर पर आया। इसके बाद आदिल और सलमान के साथ ही मोनू शेख ने देर रात तक शराब पी। इसके बाद मंगलवार तड़के लगभग साढे़े पांच बजे आदिल और सलमान घर में रखी 40 लाख की नकदी और जेवरात लूट लेकर जाने लगे। इस बीच ललिता की आंख खुल गई और उसने विरोध किया। इस पर आदिल और सलमान ने धारदार हथियार से ललिता की हत्या कर दी।
इसके पहले उन्होंने ललिता से गाली-गलौज की। यह सब मोनू देख रहा था, लेकिन नशे में होने की वजह से कुछ कह नहीं पा रहा था। जब आरोपियों ने ललिता की हत्या कर दी, तब मोनू का नशा काफूर हुआ तो उसने विरोध किया। इस पर आरोपियों ने उस पर भी धारदार हथियार से वार कर दिया। इतना ही नहीं जेनरेटर की हैंडिल से भी हमला कर दिया। इससे उसकी भी मौत हो गई।
मासूम अयान ने बचा ली अपनी जान दंपति की हत्या कर जब सलमान और आदिल रुपये लेकर जा रहे थे, तभी मासूम अयान की नींद खुल गई। अपनी मां और पिता का शव देखकर उसकी चीख निकल गई। भेद खुलने की डर से आरोपियों ने अयान को भी कब्जे में कर लिया। इस बीच आरोपी एक गलती कर बैठे। खून से सने हाथ धोने और कपड़े बदलने के लिए आदिल, सलमान के साथ ही अयान को भी अपने घर लेकर चला गया। जहां अयान ने चिल्लाकर आदिल के दोस्त नीरज चौहान को हत्या की बात बता दी। इसके बाद आरोपी अयान को वहीं छोड़कर बाइक से फरार हो गए।
सलमान और आदिल अंकल ने मारे मेरे मम्मी पापा
इस सनसनीखेज डबल मर्डर का चश्मदीद गवाह सात साल का मासूम अयान बना है। एसएसपी एसएस बघेल ने खुद ही अयान के बयान दर्ज किए। उसने निडरता से पुलिस को कत्ल की सिलसिलेवार कहानी सुनाई। एसएसपी को बताया कि मेरी मम्मी को सलमान अंकल और पापा को आदिल अंकल ने मारा है। जिसके बाद ही पुलिस की कई टीमें दोनों हत्यारोपियों की तलाश में निकल पड़ीं। और कुछ घंटों बाद ही इस केस का खुलासा कर दिया गया।
माधवपुरम से सटी ईरा गार्डन कॉलोनी में डबल मर्डर की सूचना से ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। हत्या कब, क्यों और किसने की, ऐसे तमाम सवाल मौका-ए-वारदात पर पहुंचे पुलिस अफसरों के सामने थे। इन सभी सवालों के जवाब बेरहमी से कत्ल हुए ललिता और मोनू के इकलौते पुत्र अयान ने बयां किए। अयान ने एसएसपी को बताया कि मम्मी की चीख सुनकर उसकी आंख खुल गई थी।
सलमान अंकल के हाथ में छुरी व आदिल के हाथ में जनरेटर की हत्थी थी। सलमान ने पहला वार छुरी से मम्मी पर किया। दूसरा वार आदिल ने जनरेटर की हत्थी से पापा पर किया। मम्मी बेड पर और पापा जमीन पर लहूलुहान होकर गिर गए थे।
अयान के अनुसार यह सब देखकर मैं डर के चलते कुछ बोल नहीं पाया। पापा के गिरने पर मेरी चीख निकली तो सलमान की नजर मुझ पर गई। सलमान अंकल ने मुझे बहकाते हुए चुप रहने को कहा। बाद में आदिल अंकल मुझे घसीटते हुए अपने घर ले गए। जहां दूसरे अंकल के मिलने पर मुझे छोड़कर भाग गए।
अयान द्वारा सुनाई गई कत्ल की कहानी एसएसपी ने खुद दर्ज की। दोनों आरोपियों का नाम उजागर होने पर एसएसपी ने सीओ ब्रह्मपुरी विजय प्रताप सिंह और एसओ ब्रह्मपुरी रणवीर सिंह यादव को आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से चंद घंटों बाद ही दोनों हत्यारोपी दबोच लिए गए।
एसएसपी के अनुसार घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन इस केस का खुलासा साहसी अयान के बल पर ही हुआ है। अयान भले ही यूकेजी का छात्र है, लेकिन उसने जिस निडरता से पूरी वारदात पुलिस को बताई, उसके कारण ही रिकॉर्ड समय में वारदात वर्कआउट हो गई। एसएसपी के अनुसार अयान इस डबल मर्डर का चश्मदीद गवाह है। उसने दोनों आरोपियों की शिनाख्त भी कर ली। दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म भी स्वीकार किया है।
सामने आता तो मारा जाता अयान प्रेसवार्ता में हत्यारोपियों सलमान और आदिल ने बताया कि वारदात करने के बाद ही अयान सामने आया था। यदि वह वारदात के दौरान सामने आता तो हम उसे भी मार देते। हमने उसे धमकी दी थी कि यदि किसी को कुछ बताया तो तुझे भी इसी तरह मारकर नहर में फेंक देंगे। हमें विश्वास था कि इस धमकी से अयान डर गया होगा और किसी को कुछ नहीं बताएगा।