दिल्ली के नेबसराय इलाके में एक शख्स के संदिग्ध रूप से झुलसने के मामले में पीड़ित के बेटों ने पुलिस पर रिश्वत न मिलने के चलते उनके पिता को जलाने का आरोप लगाया है।
मामले में दो सिपाहियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
उन पर नेबसराय थाने में उगाही करने, आत्महत्या के लिए उकसाने और हत्या का प्रयास का मामला दर्ज किया गया है।
पीड़ित उदयचंद का 85 फीसदी झुलसी अवस्था में सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के विरोध में रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने महरौली-बदरपुर रोड पर जाम भी लगाया, जिन्हें पुलिस अधिकारियों ने समझा बुझाकर शांत करवाया।
बेटों के छुड़ाने गया तो लगा दी आग
शनिवार रात उदयचंद (49) ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि नेबसराय थाने के सिपाही राजकुमार और सुरेंद्र ने बीस हजार रुपये नहीं देने पर उनके बेटों को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी थी।
शनिवार रात बेटे के पकड़े जाने पर उसे छुड़ाने के लिए थाने गए थे, जहां सिपाहियों ने उन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
हालांकि पुलिस का कहना है कि उदयचंद ने खुदकुशी का प्रयास किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का जिम्मा दूसरे थाने के इंस्पेक्टर को दिया गया है।
पुलिस को देते थे 20 हजार
उदयचंद जेजे कॉलोनी खानपुर के रहने वाले हैं। उनके बेटे नवीन के मुताबिक कुछ दिन पहले दोनों भाइयों ने किराए पर एक ऑटो लेकर चलाना शुरू किया।
नवीन का आरोप है कि यहां के पुलिसकर्मी उन्हीं का ऑटो चलने देते हैं, जो 20 हजार रुपये की उगाही देता है। राजकुमार और सुरेंद्र ने भी नवीन से 20 हजार रुपये की मांग की थी।
नवीन के मुताबिक, उसने साढ़े सात हजार रुपये दिए भी थे, लेकिन पुलिस वाले पूरे रुपये मांग कर रहे थे। तीन दिन पहले एक पुलिसकर्मी ने उसके छोटे भाई भैरव की नाक तोड़ दी थी। शनिवार रात दोनों पुलिसकर्मियों ने नवीन को पकड़ लिया था।