पर्दे की आड़ में गैर मर्दों से पनपे रिश्ते अग्नि को साक्षी मानकर लिए गए सात कसमों पर भारी पड़ गए। उसने जिस शख्स के नाम की मेहंदी हाथों में रचाई थी, उसी के खून से वो हाथ लाल हो गए।
बेवफा बीवी ने अपने दो आशिकों के साथ मिलकर पति का कत्ल कर दिया। और शव को पहचाना न जा सके, इसलिए सिर को पत्थर से कुचल दिया। लेकिन यह जुर्म कहां छिपने वाला था। वारदात के दो महीने बाद पुलिस असली कातिलों तक पहुंच गई। और उस बेवफा बीवी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस उसके दो आशिकों की तलाश कर रही है। यह अवैध संबंधों की लहू रंग दास्तां दिल्ली के नरेला की है।
दो महीने से लापता था पति, बीवी को कोई फिक्र नहीं
पुलिस के अनुसार, 30 अक्टूबर को नरेला फाटक के पास एक व्यक्ति का शव मिला। उसकी पहचान नहीं हो पाई थी। उसके हाथ पर तेज बहादुर लिखा हुआ था। शनिवार को नरेला थाने में कुछ लोगों ने खुद को तेज बहादुर का रिश्तेदार बताया और उसके दो माह से लापता होने की शिकायत की।
थाना प्रभारी अभिनेंद्र जैन ने उन लोगों को फोटो दिखाया। रिश्तेदारों ने उसकी पहचान नरेला निवासी तेज बहादुर के रूप में की। दो माह से लापता होने के बावजूद पत्नी ने कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई थी।
बीवी पर हुआ शक
शक होने पर पुलिस ने तेज बहादुर की पत्नी प्रेमा देवी से पूछताछ की। पति की हत्या करवाने की बात स्वीकारते हुए उसने बताया कि वह चार बच्चों के साथ नरेला में रहती है। वह फैक्टरी में काम करती है।
पति तेज बहादुर (45) कौशांबी (गाजियाबाद) में रहता था। फैक्टरी आने-जाने के दौरान उसके अवैध संबंध भूपेंद्र और विजय से हो गए। इसकी जानकारी मिलने पर तेज बहादुर ने पत्नी को दोनों ने दूर रहने को कहा था। साथ ही इस बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा भी होता था।
बेटे के सामने ही किया कत्ल
झगड़े से परेशान प्रेमा ने दोनों युवकों के साथ मिलकर पति को ठिकाने लगाने की साजिश रची। 29 अक्टूबर की रात प्रेमा ने पति को शराब पिलाई। फिर अपने आठ साल के बेटे और पति के साथ रेलवे फाटक पर पहुंची। वहां इंतजार कर रहे भूपेंद्र और विजय ने गला घोंटकर तेज बहादुर की हत्या कर दी।
इसके बाद पहचान मिटाने के लिए पत्थर से उसके चेहरे को कुचल दिया। बच्चे ने पुलिस को बताया कि वह पिता के हत्यारों से इतना डर गया था कि उसने इस बारे में किसी को नहीं बताया।
प्रेमा देवी से जब कोई तेज बहादुर के बारे में पूछता था तो वह उसके गांव जाने की बात कहकर टाल देती थी।