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उबर रेपकांड: अमेरिकी कोर्ट में पहुंची पीड़िता

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राजधानी दिल्ली में उबर कैब रेपकांड की पीड़िता ने आरोपी कार सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ अमेरिका की फेडेरल कोर्ट में केस दर्ज कराया है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि कंपनी सुरक्षा प्रदान करने में नाकाम रही है जिसके चलते वह इस घटना का शिकार बन गई।
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इस मामले में उबर की ओर से कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं आई लेकिन कंपनी ने कहा कि वह पीड़िता के प्रति पूरी सहानुभूति रखती है। उस घटना को लेकर कंपनी पीड़िता से खेद जताती है।

बता दें कि, अमेरिका के बाद भारत ही उबर का सबसे बड़ा मार्केट है। रेडियो टैक्सी के जरिए कंपनी की कमाई 6 से 9 बिलियन है। उबर रेप कांड के बाद एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे। खासकर राजधानी दिल्ली में।
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उड़े कंपनी के होश, किए कई बदलाव

रेप का वारदात के बाद भारत में उबर को बैन कर दिया गया था हालांकि बीते सप्ताह कंपनी ने दोबारा सेवा शुरू कर दी और रेडियो टैक्सी के लाइसेंस के लिए भी आवेदन किया है।

सैन फ्रैंसिस्को स्थित कंपनी ने कहा कि वह अपने ड्राइवरों से तब तक कोई कमीशन नहीं लेगी जब तक दिल्ली में दोबारा इसका संचालन बेहतर नहीं होता।

बीते वर्ष दिसंबर में उबर कैब में रेप और मारपीट की घटना के बाद पीड़िता ने कंपनी के खिलाफ केस करने की चेतावनी दी थी। पीड़िता ने मांग की है कि कंपनी सुरक्षा व्यवस्था को सुधारे, लोकल स्तर पर 24 घंटे चलने वाले ग्राहक सेवा केंद्र बनाए और कार के अंदर वीडियो कैमरे लगाए।

उसने कैब कंपनी से मुआवजे की भी मांग की है। वहीं, दिल्ली समेत दुनिया के कई शहरों में लगातार सामने आई वारदातों के बाद कंपनी ने सुऱक्षा व्यवस्था नें सख्ती लाई है। इसके लिए कंपनी ड्राइवरों के वेरीफिकशन के अलावा कंपनी के ऐप में इमरजेंसी बटन शुरू किया जा रहा है।
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