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पढ़िए, 'बेबी किलर' दरबारा सिंह की हैवानियत की दास्तां

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अपने सीनियर ऑफिसर पर हैंड ग्रेनेड फेंकने वाला सेना का जवान कब एक हैवान बन गया किसी को पता नहीं चला और जब तक लोग इस बारे में जान पाते तब तक उसने कई मासूमों की जिंदगी छीन ली।
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यह कोई और नहीं बल्कि पंजाब के अमृतसर का रहने वाला दरबारा सिंह था। जिसे इसके नाम से नहीं बल्कि 'बेबी किलर' के नाम से जाना जाता है। दरबारा सिंह जिस इलाके में रहता था वहां के लोग उसे देखकर कांपते थे।

वह हमेशा साइकिल से घूमता था और उसके पास एक बैग में बहुत सारी टॉफियां होती थीं। टॉफी का लालच देकर ही वह मासूम बच्चों को अपने जाल में फंसाता था और फिर सुनसान में ले जाकर उनके साथ हैवानियत करता था और फिर उन्हें मार देता था।
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दरबारा सिंह की सनक ने ही उसे सेना से बाहर का रास्ता दिखाया था, जब पठानकोट में तैनाती के दौरान उसने सीनियर ऑफिसर पर हमला किया।

जेल से रिहा होते ही शुरू कर दी दरिंदगी

दरबारा सिंह पर करीब 17 बच्चों की दर्दनाक हत्या का इल्जाम लगा था। वह प्रवासी मजदूरों के बच्चों को ही निशाना बनाता था। यही नहीं, उसने हैवानियत की हदें पार करते हुए कई मासूम बच्चियों के साथ रेप भी किया।

अदालत ने उसे एक प्रवासी मजदूर की बेटी से रेप और हत्या के मामले में 30 साल की कैद की सजा सुनाई थी। उसे वर्ष 2003 में अच्छे आचरण के चलते 10 साल में ही रिहा कर दिया गया, लेकिन उसके अंदर छिपा हैवान एक बार फिर जाग गया और वह फिर दरिंदगी करने लगा।

2004 में एक बार फिर जब उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उसने जालंधर के एसएसपी के सामने ‌दिए गए बयान में कहा कि अगर उसे पुलिस ने इतनी जल्दी गिरफ्तार न किया होता तो वह और भी बच्चों को अपना शिकार बनाता।

बच्चों को ऐसे जाल में फंसाता था

दरबारा सिंह तीन बच्चों का पिता है लेकिन उसकी पत्नी ने उसकी घिनौनी हरकतों से तंग आकर उसे घर ‌से निकाल दिया था। उसने पुलिस के सामने कबूल किया कि उसने 17 में से ज्यादातर बच्चों के साथ रेप और कुकर्म के बाद उनकी लाशों को रैया खदूर साहिब रोड पर पुल के पास दफना दिया था।

कपूरथला में साम महीने के अंदर एक के बाद एक करीब 23 बच्चे गायब हुए थे जिनमें से छह को पुलिस ने बरामद कर लिया था। इन सभी की उम्र 10 साल से कम थी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 17 बच्चों की हत्या की बात कबूल की थी। इनमें से 15 लड़कियां थीं और दो लड़के थे। हालांकि पुलिस को यह भी शक है कि उसने कई पीड़ितों के नाम नहीं बताए।

दरबारा सिंह हमेशा, मिठाई, समोसा और पटाखों का लालच देकर बच्चों को फंसाता था। वह सुबह 10 बजे से दोपहर 12.30 बजे के बीच ही बच्चों को दबोचता था क्योंकि इस वक्त ज्यादातर मजदूर काम पर चले जाते थे और उनके बच्चे अकेले होते थे। वर्ष 2008 में उसे फांसी की सजा सुनाई गई थी हालांकि बाद में इसे उम्रकैद में तब्दील कर दिया गया।
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ये बने दरबारा के शिकार

- 15 अगस्त 2004 को रिपुदमन की पांच वर्षीय बेटी लक्ष्मी लापता हुई। बाद में उसकी मौत की पुष्टि हुई।- मॉडल टाउन जालंधर में रहने वाले गोपाल का 6 साल का बेटा सतीश 18 अप्रैल 2004 को लापता हुआ और बाद में उसकी भी मौत की पुष्टि हुई। सतीश की 10 साल की बहन गु‌ड़िया को भी दरबारा ने अपना शिकार बनाया।- जालंधर के अवतार नगर निवासी मकसूद की 10 साल की बेटी तजबीन 22 अगस्त 2004 को लापता हुई और बाद में मृत पाई गई।
- 24 अगस्त 2004 को उमेश शास्‍त्री का 5 साल का बेटा संजू कुमार लापता हुआ और फिर कभी नहीं लौटा।- 6 अगस्त 2004 करे पूना राम की 7 साल की बेटी पूनम घर से गायब हुई और बाद में उसकी मौत की पुष्टि हुई।- 28 अगस्त 2004 को नरबहादुर नाम के व्यक्ति का बेटा राजेश और बेटी गीता का अपहरण हुआ। उन्हें भी दरबारा ने शिकार बनाया।- लालू प्रसाद नाम क‌े चार साल के बच्चे की भी मौत की पुष्टि हुई।- 18 अप्रैल को गोबिंद नाम के व्यक्ति कह दो बेटियां दीक्षा और आशा को अगवा किया। दरबारा सिंह ने दीक्षा को मार डाला लेकिन आशा वहां से भागने में कामयाब रही और बच गई।
- 9 साल की रानी और नीशू को 22 अक्तूबर को अगवा किया। इनमें से उसने रानी को मार डाला जबकि नीशू को बचा लिया गया। इसके बाद मुमताज नाम की बच्ची को भी दरबारा के चुगुल से भागने में कामयाब रही।- जीटीबी नगर में रहने वाले अखिलेश का 8 साल का बेटा शंकर भी उसके चंगुल से भागने में कामयाब रहा।- दरबारा ने पांच साल के अमृत और उसक‌ि बहन कारू को अगवा किया और फिर दोनों को मार डाला।- 29 जून 2004 में शास्‍त्री नगर में रहने वाले मो. अजीज की 4 साल की बेटी रवीना लापता हुई। बाद में उसकी हत्या की पु‌ष्टि हुई।
- 29 जून 2004 को बस्ती बावा खेल में रहने वाले भारत भूषण की बेटी पटल कुमारी को अगवा किया हालांकि उसे बचा लिया गया। - 16 अगस्त 2004 को बीर बहादुर की तीन साल की बेटी नीतिका का अपहरण हुआ लेकिन उसे भी बचा लिया गया।- 16 अगस्त 2004 को मस्त लाल के 5 साल के बेटे राजेश का अपहरण हुआ लेकिन उसे भी बचा लिया गया।- 17 जून 2004 को रुद्र राम के 9 साल के बेटे जतिंदर को अगवा किया गया और हैवानियत के बाद उसे मार डाला।- दरबारा ने राम उदार की 8 साल की बेटी पूजा और उसे भाई दीपक (4) को भी अगवा करके मार डाला।
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