हमारे देश में लोगों पर फिल्मों और टीवी धारावाहिकों का कितना गहरा असर पड़ता है, यह हम सभी जानते हैं। रोमांस से लेकर पारिवारिक रिश्ते तक, फिल्मों से प्रेरित होते हैं। लेकिन यह असर सिर्फ यहीं खत्म नहीं होता बल्कि औ गहरा हो जाता है जब फिल्मों और धारावाहिकों से प्रेरित हो कर लोग जुर्म कर बैठते हैं। ऐसे ही कई किस्से भारत और खास कर उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में देखने को मिले हैं जहां अपराधियों ने फिल्म और सीरियल देखकर वारदात की साजिस रची और उसे अंजाम दिया।
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बीते दिन का ही मामला है जब देहरादून के एक बेटे ने टीवी पर एक कार्यक्रम देख कर अपनी मां की मौत की साजिश रची और उसे मार डाला। ऐसे ही कई फिल्में और सीरियल रहे हैं जब लोगों नें उनका सहारा लेकर अपने इरादों को अंजाम दिया और इनमें ज्यादातर अपराधी 18 साल से कम के ही हैं।
विवेक ओबरॉय के किरदार का असर
मेरठ के कुछ लड़कों ने अपनी ही क्लास में पढ़ने वाले 15 साल के साथी का अपहरण कर लिया। लड़कों ने अगवा किए साथी के पिता से 50,000 रुपए फिरौती भी मांगी और निर्ममता से उसका खून कर दिया।
पूछताछ में अपराधी लड़के ने बताया कि फिल्म शूटआउट एट लोखंडवाला में विवेक ओबरॉय के गुंडे वाले किरदार से वह इतना प्रभावित हुआ कि उसने उसी तरह पूरा प्लान बनाया और पूरा किया। लड़के ने वह फिल्म अपने फोन में रखी हुई थी। वह उसे रोज देखता था और ओबरॉय के किरदार की तरह बनने का अभ्यास करता रहता था।
धूम2 देख कर बनाया पांच मिनट में चोरी की प्लान
फिल्म धूम से प्रेरित हो कर केरला, हरियाणा, दिल्ली और मुंबई में बैंक में चोरी और चेन की लूटपाट जैसे तो कई मामले सामने आए हैं लेकिन जो सबसे बड़ा है वह था 2010 में गाजियाबाद के पास साहिबाबाद इलाके में मुथूट फाइनेंस लिमिटेड के ऑफिस में हुई चोरी।
पुलिस के मुताबिक ये छ: चोर कई महीनों से इस चोरी का प्लैन बना रहे थे। वह कंपनी के एक विज्ञापन से प्ररित हुए जिसमें पांच मिनट में सोने पर लोन देने का दावा किया गया था। चोर मैनेजर के ऑफिस में घुसे और 50 लाख रुपए और जवारात लेकर भाग निकले।
पुलिस ने बताया कि चोरों ने लूटने के जो तरीके अपनाए थे वे धूम 2 से लिए गए थे जिसमें हृतिक रोशन पांच मिनट में चोरी कर के भाग निकलता है। जबकि इन छ चोरों ने दस मिनट का समय लिया। ये सभी कॉलेज के छात्र थे। किसी को पैसे की तंगी के कारण यह चोरी करनी पड़ी तो किसी को आरामदायक जिंदगी के लिए पैसे जुटाने के लिए।
रांझणा की तरह हुआ लड़की का दीवाना, कर दिया खून
मेरठ में एक 16 साल के लड़के ने एक लड़की का खून इसलिए कर दिया क्योंकि वह उससे बहुत प्यार करता था लेकिन लडकी नहीं करती थी। एकतरफा प्यार से झूझ रहे इस लड़के से जब पूछताछ की गई तो उसने बताया कि फिल्म रांझणा की तरह वह भी लड़की का पीछा किया करता था और उसे अपने प्यार में डुबो देना चाहता था।
मामले की जांच करने वाले अधिकारियों ने बताया कि लड़की उसकी क्लास में पढ़ती थी और जब उसने इसके प्यार का ऑफर ठुकरा दिया तो लड़के ने बदला लेने की सोची। लड़के ने चाकू खरीदा और लड़की को घोप कर मार डाला। उसका कहना था कि अगर वह लड़की उसकी नहीं हो सकती तो किसी की नहीं हो सकती।
कानपुर में थे असली के बंटी और बबली
अभिषेक बच्चन औऱ रानी मुखर्जी की फिल्म बंटी और बबली दर्शकों को तो खूब पसंद आई थी, लेकिन किसे पता था कि यह शातिर दिमाग के लोगों को भी इतनी पसंद आ जाएगी कि वे भी इसी की तरह चोरी और लूटपाट करने लगेंगे।
कानपुर के हाबुरास इलाके के भाई बहन कांचा और गप्पू भी इसी तरह बड़े बड़े लोगों को अपने जाल में फंसा कर उनसे लाखों लूटते थे। वे व्यापारियों को रकम दुगनी तिगनी करने वाली स्कीम सुना कर उनसे खूब पैसे एंठते थे और फरार हो जाते थे।
कई शिकायतें मिलने पर पुलिस ने उन्हें खोजना शुरू किया और पता चला कि फिल्म के बंटी बबली की तरह ही वे हवाई यात्राएं करते हैं और मेंहगे होटलों में भी रुकते हैं।
सावधान इंडिया देख कर की खुद के अपहरण की साजिश
टीवी पर दिखाए जाने वाला सीरियल सावधान इंडिया का उद्देश्य लोगों को अपने आस पास होने वाले जुर्म से सचेत करना है, लेकिन यहां इसका उल्टा असर होते दिखा। लखनऊ के एक व्यापारी के बेटे शान वारिस सिद्दिकी ने सीरियल देख कर अपने ही अपहरण का प्लैन बनाया। लड़के को अपनी गर्लफ्रेंड और दोस्तों के साथ गोवा में वैलेंटाइन डे मनाना था, जिसके लिए उसने सोचा कि खुद को गायब करवा कर वह अपने पिता से 1 करोड़ रुपए फिरौती मंगवाएगा।
पकड़े जाने पर लड़के और उसके दोस्तों ने बताया कि उन्होंने सावधान इंडिया का एक एपिसोड देख कर सीखा था कि ऐसे मामले में कैसे पुलिस को बेवकूफ बनाया जाए। उस एपिसोड में भी एक लड़के को अपना अपहरण करवाते दिखाया गया था। लेकिन ये लड़के भूल गए थे कि सीरियल में भी अंत में पुलिस पराधी को पकड़ ही लेती है।
फिल्मों से सीख कर चोरी करने वाले सिर्फ बॉलीवुड फिल्मों तक ही सीमित नहीं हैं। वे अंग्रेजी फिल्मों से भी चोरी करने के आइडिया सीखते हैं। अप्रेल 2015 में ही लखनऊ पुलिस ने अमित पाठक नाम के एक आदमी को कई लक्सजरी कारें चुराने के जुर्म में पकड़ा था।
इस चोर ने कई महीनों से पुलिस की नींद उड़ा रखी थी और आखिरकार पकड़े जाने पर उससे पूछताछ हुई तो उसने कबूल किया कि हॉलीवुड फिल्म गौन इन 60 सेकेंड्स से प्रेरणा लेकर उसने यह कदम उठाया। फिल्म में हीरो अपने भाई की जान बचाने के लिए एक रात में 50 कारें चुराता है, अमित ने भी हीरो के तरीके अपना कर ही कारें चुराई और उन्हें विदेशों में बेंच कर पैसा बनाने की सोची।