अपनी जान बचाने के लिए पुलिस से सैकड़ों बार गुहार लगा चुकी युवती आखिरकार पुलिस की नाकामी का शिकार बन गई और एक दरिंदे ने अपहरण और रेप के बाद उसकी हत्या कर दी। आरोपी ने 28 वर्षीय युवती के शरीर को 400 टुकड़ों में काटा था।
मामला दक्षिण कोरिया के सुवान शहर का है। चीनी-कोरियाई प्रवासी पार्क शन-वांग ने वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस को फोन करके अपने अपराध की जानकारी भी दी, लेकिन पुलिस ने फिर देरी की और 13 घंटे बाद मौका-ए-वारदात पर पहुंची।
करीब एक सप्ताह तक पुलिस ने मामले को हल्के में लिया और जांच में लापरवाही बरती। पुलिस ने हर तरह से अपनी नाकामी छुपाने की पूरी कोशिश की। लेकिन मौके से मिले सीसीटीवी फुटेज ने एक बार फिर मामले में मोड़ ला दिया। आखिरकार कोरिया पुलिस के प्रमुख ने अपनी नाकामी स्वीकार की।
'हैलो, पुलिस! वो मेरा रेप कर रहा है, प्लीज बचा लो'
'सुवान टोरसो मर्डर केस' के नाम से चर्चित हुए इस कांड ने देश-दुनिया को हिलाकर रख दिया। इंटरनेट पर भी जबरदस्त घमासान छिड़ा और लोगों ने पुलिस को ही हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया। लोगों का कहना था कि अगर पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो यह खौफनाक हत्याकांड रोका जा सकता था।
वारदात से पहले पीड़िता ने इमरजेंसी नंबर पर कई बार फोन करके आरोपी के खिलाफ शिकायत की लेकिन उसकी नहीं सुनी गई। घटना वाले दिन यानि 1 अप्रैल 2012 को पीड़िता ने आरोपी की कैद में रहते हुए चोरी से पुलिस को फोन किया, लेकिन फिर भी कुछ नहीं हुआ।
एक बार फोन उठा तो उसने करीब डेढ़ मिनट तक पुलिसकर्मी से बात की और अपनी मुश्किल के बारे में बताया। उसने बताया कि एक शख्स ने उसे बंधक बना रखा है और उसका यौन उत्पीड़न कर रहा है। वह उसे नहीं जानती और न ही उस जगह से परिचित है जहां उसे कैद करके रखा गया है।
उसने पुलिसकर्मी को अपनी लोकेशन बताने की कोशिश भी की और बताया कि वह जी-डोंग प्राइमरी स्कूल और मॉट-गोल प्लेग्राउंड के बीच बने एक घर में है। उसने यह भी बताया कि आरोपी शख्स कमरे के बाहर खड़ा है।
वो गिड़गिड़ती रही, पुलिसवाला फोन पर सुनता रहा
पीड़िता के इतना सब कुछ बताने के बावजूद पुलिस की कान में जूं नहीं रेंगी। पीड़िता से बात करने के दौरान भी पुलिसवाले ने ऐसे-ऐसे सवाल किए जिनका कोई ताल्लुक नहीं था। घर की बनावट या लोकेशन से जुड़े सवाल पूछने के बजाय वे यह पूछते रहे कि कौन उसका शोषण कर रहा है।
पीड़िता फोन उस वक्त कटा जब उसने दरवाजा खुलने की आवाज सुनी। दूसरी तरफ बैठे पुलिसवाले ने सुना कि पीड़िता आरोपी के सामने गिड़गिड़ा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिस बिल्डिंग में वारदात हुई थी वह स्कूल से 80 मीटर दूर थी और घर ग्राउंड फ्लोर पर था। पुलिसकर्मी ने कहा कि घर की पहचान इसलिए मुश्किल थी क्योंकि इसके चारो ओर कई रिहाइशी बिल्डिंग हैं।
पुलिस ने यह भी कहा कि मोबाइल लोकेशन को भी नहीं ट्रेस किया जा सका क्योंकि फोन करने वाले की सही स्थिति पता नहीं चल पा रही थी।
आखिर क्यों हुआ ये खौफनाक कांड?
इस हत्याकांड के आरोपी ने पहले तो आरोपों से नकार दिया लेकिन बाद में हत्या के तरीके और वजह का खुलासा किया। उसने बताया कि जिस लड़की को उसने मारा था, वह उसकी प्रेमिका थी।
उसने बताया कि युवती उससे मिलने से मना कर रही थी, इसलिए उसने उसे अगवा कर लिया। एक महीने पहले ही दोनों का ब्रेकअप हुआ था। उसने युवती के शरीर को पहले दो टुकड़ों में काटा और फिर उसके हाथ-पैर काटे।
उसने दरिंदगी की हदें पार करते हुए उसके शरीर के 400 टुकड़े कर डाले और उन्हें प्लास्टिक बैग में भरकर फेंक दिया। घटना वाले दिन आरोपी अपनी प्रेमिका के ऑफिस पहुंचा था और जबरन उसे अपने साथ ले गया था। डीएनए टेस्ट से खुलासा हुआ कि आरोपी ने बाथरूम में प्रेमिका के टुकड़े किए थे। जांच के दौरान उसके घर से काफी खतरनाक चीजें भी मिलीं।