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कोर्ट ने माना, आरुषि के साथ हुआ था रेप

Wed, 27 Nov 2013 03:35 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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आरुषि-हेमराज मर्डर मिस्ट्री के खुलासे के साथ ही उसके साथ चले आ रहे कई राज फाश हो गए।
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सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल के 208 पेज के फैसले ने उन सवालों को बेनकाब किया, जो न केवल आम जनता के दिमाग में घुमड़ रहे थे बल्कि पुलिस, सीबीआई और डिफेंस भी इन्हीं राज पर लगातार अपनी-अपनी दलील पेश करते चले आ रहे थे।

आम व्यक्ति भी इस मिस्ट्री पर अपने-अपने तर्क पेश करते थे। हर कोई सिर्फ कयास लगाकर अपनी बात रखता था, मगर बाद में अपनी ही दलील और तर्क की सत्यता में खुद उलझकर रह जाता था।
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हर कोई यह सच जानना चाहता था कि आखिर कत्ल वाली रात नोएडा, जलवायु विहार में सेक्टर-25 के फ्लैट संख्या एल-32 में हुआ क्या था। सीबीआई कोर्ट का फैसला आने के बाद लोगों को अपने उलझे हुए सवालों का जवाब भी मिल गया है।

पूरा मामला रेप से ही संबधित
कत्ल की रात आरुषि के साथ रेप की बात अभी तक स्पष्ट नहीं थी। हालांकि सीबीआई शुरू से ही यह बात कह रही थी कि पूरा मामला रेप से ही संबधित है। सीबीआई कोर्ट में पूर्व सीओ केके गौतम ने बयान दिया था कि उनके पास डा. सुशील चौधरी का सिफारिशी फोन आया था।

सुशील का कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आरुषि के साथ रेप की बात न आने पाए। गवाह के अनुसार सुशील से ऐसा कहने के लिए राजेश तलवार के भाई दिनेश तलवार ने कहा था। अब कोर्ट ने अपने फैसले में इस बात को माना था कि आरुषि के साथ रेप हुआ था।

आखिर क्यों की गईं हत्याएं?
आरुषि-हेमराज की हत्याएं आखिर हुई क्यों। दोनों हत्याओं का उद्देश्य क्या था। इस तरह के सवाल भी लोगों के दिमाग में चला आ रहा था। हर कोई इस बात का जानना चाह रहा था कि आखिर दोनों की हत्या के उद्देश्य क्या था। सीबीआई कोर्ट ने अपने फैसले में इस उद्देश्य को खुलासा किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आरुषि-हेमराज को आपत्तिजनक हालत में देखकर ही तलवार दंपति ने उनकी हत्या की।

गोल्फ स्टिक और सर्जिकल ब्लेड से ही हत्याएं
पुलिस और सीबीआई सीबीआई के बीच डबल मर्डर को लेकर हथियार पर भी एकराय नहीं बन पाई थी। नोएडा पुलिस का मानना था कि इस हत्या में धारदार चाकू या हथौड़ा प्रयुक्त किया गया है। जबकि सीबीआई ने जांच हाथ में आते ही पुलिस की थ्योरी को पूरी तरह से नकार दिया था।

सीबीआई हत्या में गोल्फ स्टिक, सर्जिकल ब्लेड और खुखरी के प्रयुक्त होने की बात कही थी। अब कोर्ट ने साफ कर दिया है कि आरुषि-हेमराज की हत्या में गोल्फ स्टिक और सर्जिकल ब्लेड का प्रयोग हुआ। कोर्ट ने अपने फैसले में एम्स के 7 डाक्टरों की उस रिपोर्ट को भी नकार दिया है, जिसमें दोनों हत्याएं खुखरी से किए जाने की बात कही गई थी।

राजेश तलवार ने पी व्हीस्की
आरुषि-हेमराज का मर्डर करने के बाद राजेश तलवार ने अपनी घबराहट कम करने के लिए पहले व्हीस्की, वाइन, बीयर और सॉफ्ट ड्रिंक पी। कोर्ट ने अपने फैसले में इस बात का भी जिक्र किया है। कोर्ट का मानना है कि दो-दो हत्याओं के बाद राजेश तलवार काफी घबरा गया था।
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अपनी इसी घबराहट कम करने के लिए उसने घर शराब, बीयर और सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन किया। घटनास्थल से बरामद हुईं चार बोतलों के आधार पर कोर्ट ने यह टिप्पणी की है।
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