पापा मेरी वजह से आपको काफी दु:ख झेलना पड़ा है, मगर सुरेंद्र पूरी तरह निर्दोष है और मैं उससे प्रेम करती हूं। अगर आप हमें अपना लेते तो हम खुश रहते, मगर अब मैं जिंदगी से परेशान हूं। इसीलिए जा रही हूं दुनिया से। आपकी ....आशा।
इन अंतिम शब्दों को कागज में लिख हरियाणा के पलवल जिले से भागकर नैनीताल आए प्रेमी युगल ने आत्महत्या कर ली। दोनों का शव होटल के कमरे में लटका मिला। एक ही सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी इच्छा से आत्महत्या की बात लिखी है।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दोनों के परिजनों को सूचना दे दी है।
जू रोड स्थित पार्वती होम होटल में 15 सितंबर की सुबह 6.45 बजे एक प्रेमी युगल पहुंचा और खुद को पत्नी-पत्नी बताकर कमरा लिया। होटल मैनेजर को युवक ने पहचान पत्र दिया। युवती ने मेल से आईडी प्रूफ मंगाकर देने की बात कही।
16 सितंबर को दोनों रानीखेत घूमने गए और शाम को लौट आए। 17 सिंतबर की शाम चार बजे तक जब उनका कमरा नहीं खुला तो होटल कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पुलिस पहुंची। छत की अलग-अलग बल्लियों में दोनों दुपट्टे से फांसी पर लटके मिले। ड्रेसिंग टेबल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। उसमें युवती ने अपना नाम आशा कटारिया पुत्री भिखारी लाल निवासी ग्राम परथला, जिला पलवल तथा युवक का नाम सुरेंद्र सिंह पुत्र हरिओम लिखा था।
पुलिस ने बताया कि युवती के घर से फरार होने के बाद उसके परिजनों ने सुरेंद्र के खिलाफ थाना सदर पलवल में लड़की को बहला-फुसला कर भगाने का मामला दर्ज कराया है।
होटल के रजिस्टर में अलग नाम
होटल के रजिस्टर में युवक का नाम तो ठीक था लेकिन युवती का नाम आशा के बजाय श्रुति दर्ज किया गया था। इतना ही नहीं, किसी को शक न होने पाए इसके लिए युवती ने अपनी मांग में हल्का सिंदूर भी भरा था।