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कांग्रेस नेता की गोली मारकर हत्या, तड़पते रहे सड़क पर

Sat, 03 May 2014 03:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अलीगढ़
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आगरा रोड पर स्थित विवेक विहार कॉलोनी के पास शुक्रवार देर रात कुछ लोगों ने कांग्रेस के महासचिव रवि यादव को गोली मार दी। घायल को इलाज के लिए परिजन पहले रूसा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें उपचार के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।
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लेकिन उनकी इलाज से पूर्व ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के पूर्व सांसद चौधरी बिजेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष दिनेश शर्मा तथा परिजन भी पहुंच गए। हत्या के पीछे ढाबे को कब्जा मुक्त कराने की रंजिश मानी जा रही है।

पार्षद ने देखा तो उड़े होश

दादों निवासी कांग्रेस के जिला महामंत्री रवि कुमार यादव काफी समय से अपनी बहन के पास विवेक विहार में रह रहे थे। शुक्रवार की रात रवि कुमार यादव बाइक पर सवार होकर अपने घर लौट रहे थे। कॉलोनी के पास हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाते हुए पीछे से गोली मार दी।

गोली लगने के बाद रवि यादव करीब 500 मीटर चलने के बाद बाइक लेकर सड़क पर गिर गए। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। रवि यादव रात में काफी देर तक घटना स्थल पर तड़पते रहे।

इसी बीच एक कार्यक्रम से घर लौट रहे पार्षद संजय शर्मा और उनके साथियों की नजर रवि की बाइक पर पड़ी। पार्षद ने पास जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए। सड़क पर रवि घायल अवस्था में पड़े हुए थे।
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पुलिस भी पहुंची हॉस्पिटल

आनन-फानन में पार्षद अपने परिचितों की मदद से इलाज के लिए उन्हें रूसा हॉस्पिटल लेकर पहुंच गए। जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी हॉस्पिटल पहुंच गई।

रवि की गंभीर हालत को देखते हुए हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। रवि मूलत: दादों क्षेत्र के रहने वाले हैं और उनका मां विद्यादेवी नत्थू सिंह के नाम से दादों में हाईस्कूल भी है। लोकसभा चुनाव के दौरान वह कांग्रेस प्रत्याशी चौधरी बिजेंद्र सिंह के कट्टर समर्थक रहे।

बताते हैं कि कई साल पहले सासनीगेट इलाके में एक ढाबे पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। रवि यादव ने उस ढाबे को कब्जा मुक्त करवाया था, तभी से कुछ लोग रंजिश मानने लगे थे। घटना की जानकारी मिलते ही उनकी बहन तथा परिवार के अन्य सदस्य भी अस्पताल पहुंच गए। इंस्पेक्टर सासनीगेट ने बताया कि परिजनों ने तहरीर लिख कर नहीं दी थी, जिससे घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो सका।
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