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हैवानियत की ये कहानी आपको झकझोर देगी

Sat, 31 May 2014 09:15 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, मुंबई
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अच्छी और मुफ्त पढ़ाई के नाम पर चलाए जा रहे एक आश्रय गृह में में चार से 15 साल के आदिवासी व गरीब बच्चे-बच्चियों के साथ दुष्कर्म, अश्लील फिल्म बनाने, कुत्तों का मल खिलाने और प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है।
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पुलिस ने इस सिलसिले में आश्रय गृह के दो अधिकारियों चंद्रप्रभा ट्रस्ट के प्रमुख अजीत दाभोलकर और प्रबंधक ललिता टोंडे को गिरफ्तार कर लिया है।

स्तब्ध कर देने वाला यह मामला मुंबई से तकरीबन 60 किमी दूर रायगढ़ जिले के करजत तालुका के तकवे गांव में स्थित चंद्रप्रभा चैरिटेबल ट्रस्ट का है। हालांकि पुलिस की जांच में बताया गया है कि यह शेल्टर अवैध रूप से चलाया जा रहा था।

बच्चे-बच्चियों से दुष्कर्म, अश्लील फिल्में भी बनाई

दरअसल, यह मामला तब सामने आया जब एक पीड़ित बच्चा गर्मियों की छुट्टियों में घर आया था और उसने अपनी मां को मामले की पूरी जानकारी दी।

बच्चे की मां ने रायगढ़ चाइल्ड हेल्पलाइन से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस को ट्रस्ट के खिलाफ शिकायत दी गई।

जांच के दौरान 11 साल की उम्र के बच्चों ने आरोप लगाया कि उन्हें एक-दूसरे के साथ एवं आरोपियों के साथ यौन संबंध कायम करने के लिए मजबूर किया जाता है।

इस मामले में शिकायतकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता अनुराधा सहस्रबुद्धे ने कहा कि बच्चों से ओरल सेक्स करवाया जाता था। यौन शोषण के दौरान फोटो खींचे जाते थे और उनका वीडियो भी तैयार किया जाता था।

विरोध पर मिलती थी मलमूत्र खिलाने की धमकी

अनुराधा ने बताया कि यदि पीड़ित छात्र यौन संबंध बनाने से इनकार करते थे तो उन्हें कुत्ते का मल खाने को मजबूर किया जाता था और कमरे में कैद कर दिया जाता था। उलटियां करने पर उन्हें वे भी खानी पड़ती थीं।

पुलिस ने शुरुआती जांच के दौरान पाया कि 11 से 15 साल के बीच के कम से कम पांच बच्चों का यौन उत्पीड़न हुआ है। करजट पुलिस थाने के वरिष्ठ इंस्पेक्टर आर आर पाटिल ने कहा कि ट्रस्ट बगैर जरूरी अनुमति के एक रिहायशी स्कूल के रूप में यह आश्रय गृह चलाया रहा था।

आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 377, 354, 509 और 342 के अलावा यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण कानून, 2012 (पॉक्सो) की धारा 3, 5 और 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को करजट की एक मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया जिसने उन्हें 5 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
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सभी शेल्टर होम में लगेगा सीसीटीवी कैमरा

वहीं, बच्चों के साथ दुष्कर्म और उत्पीड़न की चौंकाने वाली घटना सामने आने के बाद केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने देशभर में सभी शेल्टर होम में सीसीटीवी कैमरा लगाने का फैसला किया है।

केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि 'इस घटना को लेकर हम राज्य सरकार के साथ संपर्क में हैं। देश में सभी शेल्टर होम को सीसीटीवी कैमरों के दायरे में लाया जाएगा।'

मंत्रालय का प्रभार संभालने के बाद मेनका गांधी ने कहा था कि सरकार जल्द ही फेसबुक का इस्तेमाल महिलाओं और बच्चों से जुड़ी समस्याओं के निवारण करने के रूप में करेगी, जहां यौन और अन्य अत्याचारों से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराई जा सकेंगी।
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