यूपी का बुलंदशहर, जहां 11 सितंबर की शाम करीब 6.30 डकैतों ने एक बड़े लूट को अंजाम दिया था। वहां के एलएम ज्वैलर्स शोरूम से हुई थी तीन करोड़ की लूट। इसमें खाकी के भी शामिल होने होने के सबूत मिले थे। इस मामले में चार डकैत समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
इनसे करीब एक करोड़ का माल बरामद हुआ है। पकड़े गये बदमाशों में अलीगढ़ निवासी उत्तराखंड पुलिस का सिपाही प्रमोद भी शामिल है। इनके पास से जेवरात, डेढ़ लाख रुपये समेत वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद किए गए हैं। अब पुलिस ने सतीश को हल्द्वानी जेल से बुलंदशहर लाने की कवायद शुरू कर दी है। पुलिस ने इंदरपाल उर्फ ताऊ पर भी शिकंजा कसा है।
इस लूट की वारदात ने कई बड़े खुलासे किए है। आईजी मेरठ जोन आलोक शर्मा ने बताया कि 11 सितंबर की शाम करीब 6.30 बजे ज्वैलर्स के शोरूम में टाटा सफारी में आए छह बदमाशों ने तीन करोड़ की डकैती की वारदात को अंजाम दिया। वारदात और डकैतों के चेहरे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गये।
वारदात के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें लगी थीं। पुलिस ने बुलंदशहर जेल में कैदियों से पूछताछ की तो दो डकैतों की शिनाख्त इंदरपाल उर्फ ताऊ और सतीश उर्फ अमित उर्फ अनिल के रूप में हुई।
ताऊ के गैंग में हाई प्रोफाइल डकैत
हल्द्वानी जेल में बंद अलीगढ़ कोर्ट में पेशी पर आए सतीश ने डकैती की योजना बनाई। वारदात के बाद सतीश हल्द्वानी जेल चला गया और परिजन और बाकी डकैतों ने अलीगढ़ में माल का बंटवारा कर लिया।
पुलिस ने चार डकैतों के अलावा सतीश के पिता महेंद्र और उसके भाई रवि को भी गिरफ्तार कर लिया। जबकि इस वारदात के प्लान और संरक्षण में शामिल दस से अधिक लोग भी हिरासत में है। इनमें माल खरीददार भी है।
इंदरपाल ऊर्फ ताऊ के गैंग में हाई प्रोफाइल डकैत शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर में तैनात सूबेदार का पुत्र वीरेंद्र ठाकुर ने लंदन से होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया है। जबकि सतीश अलीगढ़ में फर्जी आईएएस अफसर बनकर रह रहा था।
वह खुद की उत्तराखंड में पोस्टिंग बताता था। जेल में बंद होने के बाद भी जलवा ऐसा कि कालोनी में पहुंचते ही पेशी पर ले जाने वाले सिपाही उसकी कार और कोठी का गेट खोलते थे।
खुलासे में कई चौंकाने वाले मामले
एलएम ज्वेलर्स के शोरूम में डकैती के खुलासे में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। हल्द्वानी जेल में बंद सतीश उर्फ अमित, उर्फ अनिल उर्फ अजय अलीगढ़ में ग्रीन पार्क में किराए पर रहता है। उसे पूरी कालोनी में लोग आईएएस अफसर समझते हैं।
किसी को ये नहीं पता कि सतीश शातिर डकैत है और हल्द्वानी जेल में बंद है। जब सिपाही उसे लेकर कोर्ट में पेशी पर जाते तो कालोनी में ऐसा लगता कि ये सिपाही उसकी सुरक्षा में तैनात हैं।
जब पुलिस ने घर पर दबिश देकर माल बरामद कर भाई और पिता को गिरफ्तार करके ले गयी तब लोगों को उसकी असलियत के बारे में पता चला। इसी गिरोह की एक और कड़ी है प्रमोद कुमार।
वह मूल रूप से अलीगढ़ के थाना जवां के गांव दादूपुर निवासी फूल सिंह का बेटा है। फिलहाल उत्तराखंड के कोतवाली रुद्रपुर में तैनात है। वह भी पहले ताऊ और सतीश को मथुरा आदि कई जगह पेशी पर ले जा चुका है।
वर्दी पहनकर हर अपराध करता है सिपाही प्रमोद
इसलिए इस गिरोह के सदस्यों के संपर्क में है। एक डकैत वीरेंद्र उर्फ ठाकुर उर्फ बब्लू पुत्र बहादुर सिंह ठाकुर निवासी खेतलसंडा पीलीभीत खटीमा उधमसिंहनगर है। वह लंदन से होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया हुआ है। वीरेंद्र के पिता सेना में सूबेदार हैं और जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। वीरेंद्र पर हत्या, लूट, चोरी, वाहन चोरी के तमाम मुकदमे दर्ज हैं।
अलीगढ़ निवासी और रुद्रपुर कोतवाली में तैनात सिपाही प्रमोद डकैत, शराब माफिया और भूमाफिया भी है। वह पहले एक बार जुएं में करीब पौने दो लाख रुपये हारने के बाद ताऊ को पेशी पर ले जाते समय संपर्क में आया। उसने अपनी आर्थिक तंगी की बात ताऊ को सुनाई और ताऊ ने वारदात करने का आफर दिया। वह तैयार हो गया।