एएमयू के प्रोफेसर पर आरोप लगाने और पहली बार एएमयू छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव लड़ने से चर्चाओं में रही एएमयू की पूर्व रिसर्च स्कॉलर असमा जावेद की गला दबाकर हत्या कर दी गई। पांच दिन से किराये के फ्लैट में बंद बुरी तरह से फूली हुई लाश बुधवार दुपहर दुर्गंध आने पर ताला तोड़कर निकाली गई।
हालांकि परिजनों से संपर्क टूटने के कारण असमा की तलाश में उसका बड़ा भाई बलरामपुर से मंगलवार शाम यहां पहुंच गया था। मगर फ्लैट पर बाहर से ताला देख वापस लौट गया और देर रात गुमशुदगी तहरीर सिविल लाइंस थाने में दे दी थी। पुलिस तहकीकात में जुटी है।
मूल रूप से बलरामपुर के मौलाना आजाद नगर निकट पानी की टंकी कोतवाली नगर निवासी सेवानिवृत्त रोडवेजकर्मी हामिद जावेद के दो बेटों-दो बेटियों में सबसे छोटी असमा जावेद ने वर्ष 2003-04 में पोस्ट ग्रेजुएशन में एएमयू में दाखिला लिया।
पिछले वर्ष रिसर्च (पीएचडी) पूरी होने के बाद वर्तमान में वह हाथरस से बीटीसी कर रही थी और यहां शमशाद मार्केट इलाके के अलहम्द अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या सी-8 में अकेली किराये पर रहती थी। पेशे से अल्ट्रा सोनोग्राफर बड़े भाई सलमान जावेद के अनुसार 8 मई को आखिरी बार असमा की मां मुमताज से बात हुई।
गला दबाकर मारा गया, पांच दिन पहले हत्या होने का अंदेशा
इसके बाद से फोन स्विच ऑफ था। मंगलवार शाम यहां आने के बाद सलमान बुधवार सुबह से ही पुलिस के संपर्क में थे। इसी बीच दुपहर में असमा के पड़ोसी ने सलमान को फोन पर फ्लैट से दुर्गंध की जानकारी दी। इस पर सलमान तत्काल पुलिस के साथ फ्लैट पर पहुंचे। ताला तोड़कर अंदर देखा तो दंग रह गए।
असमा की लाश बेड पर पड़ी थी। कनपटी पर हल्की सी खरोंच पर खून जमा था। लाश बुरी तरह फूली हुई थी। बाद में पुलिस ने फील्ड यूनिट से भी जांच कराई और शव पोस्टमार्टम को भेज दिया गया। जहां महिला सहित चार डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया और गला दबाकर हत्या की बात साफ हुई है। साथ ही हत्या अधिकतम पांच और कम से कम चार दिन पहले होने का अंदेशा जताया है।
भाई ने मीडिया के सामने रसलगंज इलाके के प्रख्यात रेस्टोरेंट संचालक के बेटे पर लेनदेन के विवाद में हत्या का आरोप लगाया है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस सूर्यकांत द्विवेदी के अनुसार गुमशुदगी को सुबह अपहरण में तरमीम कर लिया गया था। अब पोस्टमार्टम में हत्या साफ हो गई है। कारण और आरोपियों को लेकर परिजनों से बातचीत व जांच तक कुछ नहीं कहा जा सकता।
टेबलेट खोलेगा असमा की हत्या का राज
एएमयू के इतिहास में सर्वाधिक चर्चाओं में रही पूर्व छात्रा असमा जावेद की हत्या का राज वह टेबलेट खोलेगा जो उसके कमरे से गायब है। टेबलेट क्यों गायब हुआ, यह तो नहीं मालूम। मगर इतना जरूर है कि असमा ने कुछ दिन पहले ही एसएसपी को शिकायत देकर खुद की हत्या का अंदेशा जताया था और गोल्डन रेस्टोरेंट के मालिक के बेटे पर आरोप लगाया था। फिलहाल पुलिस तमाम पहलुओं पर जांच की बात कह रही है और अन्य परिजनों का इंतजार है। उनके आने पर सभी पहलुओं पर बातचीत व बयानों के बाद पुलिस जांच की दिशा तय होगी।
इस तरह शक के घेरे में होटल स्वामी
बात ज्यादा नहीं छह माह पुरानी है। गोल्डन होटल मालिक के बेटे अकरम के खिलाफ काफी पुरानी दोस्ती में हुए विवाद में सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि बाद में असमा ने कुछ शपथ पत्र आरोपी के पक्ष में दिए और समझौता होने की बात कही। इसके बाद फिर एसएसपी के सामने पेश होकर शिकायत दी कि वह समझौता जबरन व दबाव में कराया गया था।
अब उसे हत्या का अंदेशा है। इस मामले में सीओ सिविल लाइंस को जांच सौंपी गई। सीओ ने जांच रिपोर्ट में कहा कि मुकदमेबाजी के चलते आरोप लगाए हैं। वह विवेचना अभी लंबित है। इसी झगड़े में दस दिन पहले दोनों में झगड़ा हुआ था। इसी आधार पर असमा के भाई सलमान ने अकरम पर हत्या का संदेह जताया है।
एएमयू में दर्ज किया चर्चित असमा ने इतिहास
एएमयू में प्रवेश के बाद 2005-06 में असमा ने संस्कृत के प्रोफेसर शरीफ पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। तब असमा चर्चाओं में आई। मुकदमे के बाद प्रोफेसर के निलंबन की मांग को लेकर काफी समय तक असमा धरने पर भी बैठी। हालांकि अदालत में प्रोफेसर के खिलाफ साक्ष्य पेश नहीं हो पाए। इसके चलते मामला निस्तारित हुआ। इसी दौरान असमा ने प्रोफेसर पर अपने एक्सीडेंट कराने तक का आरोप लगाया। इसके बाद असमा अचानक गायब हो गई।
मगर वर्ष 2011 में 72 दिन के धरने के बाद जब लिंगदोह की सिफारिशों के अनुसार एएमयू छात्र संघ का चुनाव हुआ तो यहां एएमयू और अब्दुल्ला गर्ल्स कॉलेज का संयुक्त चुनाव हुआ था। दोनों का एक ही छात्रसंघ चुना गया था। इस चुनाव में असमा ने एएमयू छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर अबू अफ्फान फारुखी के सामने चुनाव लड़कर पहली महिला प्रत्याशी बनने का इतिहास रचा था। हालांकि वह चुनाव हारी थी। वर्ष 2013 में रिसर्च पूरा होने के बाद उसने बीटीसी में हाथरस में प्रवेश ले लिया और अल हम्द अपार्टमेंट में रहने लगी।
शादी के बाद पति से नहीं रहे रिश्ते
भाई सलमान के अनुसार असमा की शादी 2007 में लखनऊ निवासी प्रोफेसर आदिल अंसारी से हुई थी। दोनों शादी के बाद चेन्नई साथ रहे। मगर यह रिश्ता ज्यादा दिन न चल सका। बाद में आदिल उससे अलग हो गया और खुद साउथ अमेरिका चला गया। तब से उसने कोई संपर्क नहीं किया।
ताजा हुई प्रोफेसर डॉ. सिरास स्कैंडल की याद
एएमयू के मराठा प्रोफेसर डॉ.सिरास की लाश भी इसी अंदाज में किराये के मकान में बंद मिली थी। इस मौत पर भी एएमयू के अंदर से लेकर बाहर तक तमाम लोगों पर शक पैदा हुआ। पुलिस ने लंबी जांच की। मगर अंत में इस जांच को सुसाइड मानकर दाखिल दफ्तर कर दिया गया था। इसी अंदाज में असमा की लाश मिलने पर फिर से सिरास स्कैंडल की याद ताजा हो गई।