बसपा सांसद धनंजय सिंह का सरकारी आवास नौकर और नौकरानी के लिए किसी जेल से कम नहीं था।
नाबालिग नौकर ने पूछताछ में बताया है कि उसने सांसद के घर में एक दिसंबर से काम करना शुरू किया था। एक बार घर में घुसने के बाद उसने एक साल तक बाहर की दुनिया नहीं देखी थी।
नाबालिग नौकर ने यह भी बताया है कि जब उसके सिर के बाल बढ़ जाते थे तो डॉ. जागृति सिंह ब्लेड से उसके बाल काट देती थी। वह ऐसा इसलिए करती थी कि ताकि वह घर से बाहर न जा सके और मारपीट की बात किसी को बता नहीं सके।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार सांसद के घर में नौकर का काम करने से पहले नाबालिग पुणे में स्थित एक कंपनी में हीटर का काम करता था। पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई करने वाले नाबालिग नौकर के पिता यूपी के बिजली विभाग में लाइनमैन हैं।
'चटकनी मुंह में घुसेड़ दी'
नाबालिग नौकर ने पुलिस को बताया है कि एक बार भाभी जी (डॉ. जागृति सिंह) ने राखी के कमरे में उसे देख लिया था। इस पर वह बहुत ज्यादा गुस्सा हो गई थीं। नाराज जागृति ने लोहे की चटकनी उसके मुंह में घुसेड़ दी थी। इससे उसके होठ व मुंह कट गया था और काफी देर तक खून बहा था।
नौकर ने अपने बयानों में कहा है कि जागृति कई बार दया भी दिखाती थी, हालांकि ये बात अलग है कि वह बहुत ज्यादा मारने के बाद दया दिखती थी। नाबालिग नौकर के मुताबिक जागृति ने जिस दिन राखी को बुरी तरह पीटा था उसी दिन उसकी भी बुरी तरह पिटाई की गई थी। उसकी चोटों को देखकर जागृति को दया आ गई थी और उसकी चोटों पर दवाई लगाई थी।