शादी के बाद ससुराल जाने के बजाय एक युवती जेल पहुंच गई। उसे एक युवक की हत्या का दोषी ठहराया गया है। हत्या के बाद उसने खुद को सजा से बचाने की भरपूर कोशिश की लेकिन कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए 9 साल जेल की सजा सुनाई है।
मामला इंग्लैंड के ब्लैकबर्न, लेनार्कशायर का है। शादी की तैयारियों में जुटी आरोपी रेबेका टूटले ने 18 वर्षीय एश्ले माडॉक्रॉफ्ट पर चाकू से हमला किया था। हमले के पीछे वजह यह थी कि वह बिना बुलाए उसके घर पहुंच गया था।
हमले के बाद पीड़ित को किसी तरह अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन 45 मिनट बाद ही उसकी मौत हो गई।
20 वर्षीय आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद पर भी चाकू से वार किया और अपने हाथों पर चाकू मारने के निशान बना लिए।
पुलिस के सामने दी भद्दी गालियां
डेली मेल के अनुसार, आरोपी रेबेक्का ने खुद को कानूनी तौर पर निर्दोष साबित करने की पूरी कोशिश की लेकिन आखिरकार उसे हत्या का दोषी ठहराया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक बीते साल 4 सितंबर को आरोपी के घर पुलिस बुलाई गई थी। आरोपी ने पुलिस को बताया कि एश्ले उसे काफी परेशान कर रहा था। वह अक्सर उसका पीछा करता था और उसने उसका रेप करने की भी कोशिश की थी।
उसने पुलिस के सामने युवक को गालियां दी और कहा कि वह उस पर चाकू से हमला कर रहा था, जिसके बाद उसने चाकू छीन लिया और उस पर वार कर दिया। उसने कहा कि आत्मरक्षा में उसने इस वारदात को अंजाम दिया है।
हालांकि पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और हत्या का मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। उसने अपनी सफाई में कहा कि अगर वह उसे नहीं मारती तो वह उसकी हत्या कर देता। उसने आरोप लगाया कि एश्ले उसके घर में चुपके से घुस आया था।
'हैलो, पुलिस! वह मुझे मार डालेगा'
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि आरोपी अपने होने वाले पति मैथ्यू मॉरन और उसके दो दोस्तों के साथ उस घर में रहती थी। उस घटना को अंजाम देने से पहले उसने अपनी एक दोस्त को मैसेज भेजकर यह बताया था कि अब ऐसा कानून आ गया है, जिसमें किसी की हत्या के बाद भी जेल नहीं होगी।
उसने इमरजेंसी नंबर 999 पर फोन करके ऑपरेटर से कहा कि एश्ले के पास एक खतरनाक कुत्ता भी है। वह उसकी जान लेना चाहता है। जब पुलिस पुलिस उसके घर पहुंची तो उसने चाकू का निशान दिखाते हुए कहा कि उसने चाकू छीन कर आत्मरक्षा में उस पर हमला किया।
हालांकि जांच के दौरान पुलिस ने खुलासा किया आरोपी ने झूठी कहानी सुनाई है। एश्ले के पास कोई चाकू नहीं था और न ही उसने उस पर हमला किया।
ब्रिटेन के क्राइम और कोर्ट एक्ट 2013 के तहत यह पहला केस था। इस कानून में यह प्रावधान है कि संकट की घड़ी में यदि किसी के हाथों किसी की हत्या होती है तो वह निर्दोष माना जाएगा।