एक महिला को चाकू मारकर हत्या करने के आरोपी युवक को जब पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उसने अपने बयान से पुलिस के भी होश उड़ा दिए। पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने करीब 41 लोगों की हत्या की है।
मामला ब्राजील के रियो डी जेनेरियो शहर है। पुलिस ने 26 वर्षीय आरोपी सैलसॉन जोसे दास ग्रेकास को गिरफ्तार किया। उसने जिन लोगों को अपना शिकार बनाया था उनमें से 37 महिलाएं थी, जबकि तीन पुरुष और 2 साल के एक बच्चे को भी उसने मार डाला।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने जिस बच्चे को मारा था वह उस महिला का बेटा था जिसके उसने हत्या की थी और बच्चा रो रहा था। आरोपी ने बताया कि उसे डर था कि बच्चे के रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी आ सकते हैं इसलिए उसने बच्चे को भी मार दिया।
कातिल की इन बातों ने उड़ाए होश
मिड डे अनुसार, आरोपी जोसे ने बताया कि वह जिन महिलाओं को शिकार बनाता था वे सभी श्वेत होती थीं। हत्या से पहले वह अपने 'शिकार' का पीछा करता था और उसकी गतिविधियां नोटिस करता था और बाद में उन्हें दर्दनाक मौत देता था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अपने जुर्म के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। हालांकि अभी भी पुलिस उसके कुछ बयानों को घटनाओं से मिलाने की कोशिश कर रही है। ग्रेटर रियो डी जेनेरियों में उसने कई वारदातों को अंजाम दिया था।
आरोपी ने एक टीवी इंटरव्यू में भी अपने गुनाह को बिना किसी परवाह के कबूल किया और हर कांड के बारे में बारीकी से बताया। उसने बताया कि वह श्वेत महिलाओं पर नजर रखता था। करीब एक माह तक उनकी गतिविधियों पर गौर करता था। कभी-कभी एक हफ्ते भी।
ऐसे करता था हत्याएं
इस दौरान वह पता लगाता था कि महिला कहां रहती है, उसके परिवार में कौन है। उसका पीछा करते हुए घर में घुसने का तरीका भी खोज निकालता था और पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद आधी रात के बाद घर में पहुंच जाता था।
जोसे ने बताया कि उसने 17 साल की उम्र में पहली बार हत्या की और फिर इसके बाद वह रूका नहीं। उसने एक के बाद एक मर्डर किए क्योंकि उसे लगता था देश में भीड़ बहुत है। हत्यारा बनने से पहले उसने चोरी करनी शुरू की थी।
17 साल की उम्र में उसने एक महिला की हत्या की थी, जिसने उसे हिम्मत दी और वह अपराध करता रहा। उसने बताया कि एक जोड़े ने उसे किसी की हत्या के लिए संपर्क किया था। खुलासा होने के बाद जोड़े का गिरफ्तार कर लिया गया है।
आरोपी ने बताया कि वह कॉन्ट्रैक मर्डर के लिए पिस्तौल का इस्तेमाल करता था लेकिन खुद के शिकार को वह गला घोंटकर मारता था। हत्या के दौरान वह हमेशा एक रेन कोट पहनता था और हाथों में दस्ताने भी पहनता था ताकि फिंगर प्रिंट न छूटें।
'हत्या न करने पर होती थी बेचैनी'
जोसे ने कहा कि जब तक वह हत्या नहीं करता था उसे बेचैनी होती थी। वह परेशान हो जाता था। लेकिन जब वह किसी को मारता था तभी उसे सुकून मिलता था। एक हत्या के बाद वह करीब 2 से तीन महीने तक शांत रहता था।
पुलिस स्टेशन पर बातचीत के दौरान उसके चेहरे पर खेद का जरा भी भाव नहीं था। उसने कहा कि उसकी करतूतों के लिए उसे सजा हो जाएगी लेकिन 10, 15 या बीस साल बाद जब भी वह बाहर आएगा वह फिर यही करेगा।
बता दें कि ब्राजील के कानून के मुताबिक वहां अधिकतम सजा में 30 साल कैद हो सकती है। ब्राजील में मौत की सजा का प्रावधान नहीं है।