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कैसा ये इश्क है? प्रेमिका को जिंदा जलाया

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इश्क का झांसा देकर युवती को भगाकर ले जाने वाले कॉलेज प्रबंधक के बेटे ने ऐसी सनसनीखेज करतूत कर डाली कि हर कोई दहल गया। उसने छह दिन पहले अपने घर के भीतर प्रेमिका को जिंदा जलाकर मारने की कोशिश की।
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इसमें युवक का बड़ा भाई भी शमिल रहा। प्रेमिका को पांच दिन तक कमरे में बंद रखकर उसकी मौत का इंतजार किया। फिर बुधवार रात अधमरी हालत में युवती को उसके मायके के सामने फेंक दिया।

सूचना पर पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस और मजिस्ट्रेट ने गंभीर रूप से झुलसी युवती का बयान लिया तो उसने प्रेमी की हैवानियत के बारे में बताया। पुलिस ने युवक और उसके भाई के खिलाफ युवती को जलाकर मारने की कोशिश का नामजद मुकदमा लिखा है।
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युवक समेत पूरा परिवार घर में ताला लगाकर फरार हो गया। बृहस्पतिवार देर रात पुलिस ने युवक को पकड़ लिया। यह घटना इलाहाबाद के बहरिया इलाके की है।

मोहब्बत का किया ढोंग

एक दलित परिवार की 18 वर्षीय लड़की पिछले साल नवंबर में लापता हो गई। 20 नवंबर, 2012 को पुलिस ने मुबारकपुर गांव निवासी हरिश्चंद्र पटेल के बेटों रोशनलाल, कमलेश पटेल उर्फ पिंटू और जगत बहादुर पटेल के खिलाफ अपहरण का नामजद केस लिखा। हरिश्चंद्र पटेल ने इंटर कॉलेज खोल रखा है।

वह कॉलेज प्रबंधक है जबकि बड़ा बेटा कमलेश पटेल प्रधानाचार्य। आरोप है कि उसके छोटे बेटे रोशनलाल ने युवती को प्रेम का झांसा देकर अगवा किया था। कुछ दिन बाद पुलिस ने रोशनलाल को युवती समेत पकड़ लिया। रोशनलाल को जेल भेज दिया गया।

युवती को उसके परिजनों ने अपनाने से इनकार किया तो नारी निकेतन में रखा गया। फिर उसे कानपुर के नारी निकेतन में भेज दिया गया था।

प्रेमी की हैवानियत देख दहल उठे मां-बाप

कुछ समय बाद रोशनलाल जेल से जमानत पर रिहा हो गया। उसने कानपुर जाकर नारी निकेतन में अपनी प्रेमिका से संपर्क किया। लगभग तीन महीने पहले 22 अक्तूबर को वह युवती को अपने घर ले आया। तीन महीने तक साथ रखने के बाद 10 जनवरी को उसने अपने बड़े भाई कमलेश से साथ मिलकर युवती पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी।

उसे कमरे में बंद रखा ताकि कोई उसकी चीख नहीं सुन सके। वह गंभीर रूप से जल गई। पांच दिन तक कमरे में बंद रखकर उसकी मौत का इंतजार किया गया। उसकी सांस चलती रही तो बुधवार रात दोनों भाई युवती को उसके पिता के घर के सामने फेंककर भाग गए।

बेटी की चीख सुनकर मां-बाप घर के बाहर आए तो उसे झुलसा और अधमरा देखकर घबरा गए। बिना इलाज पांच दिन तक कमरे में बंद रखने से उसके शरीर में संक्रमण भी शुरू हो गया था।
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मजिस्ट्रेट को सुनाई प्रेमी की दरिंदगी

घटना के बारे में पुलिस कंट्रोल रूम में खबर दी गई तो बहरिया इंस्पेक्टर रामसागर रावत वहां पहुंचे। युवती को पहले सीएचसी फूलपुर ले जाया गया। वहां से एसआरएन अस्पताल भेज दिया गया। डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई है।

इंस्पेक्टर बहरिया ने युवती से बात की तो उसने अपने बेरहम आशिक रोशनलाल और उसके बड़े भाई कमलेश की दरिंदगी के बारे में बताया। दोपहर में मजिस्ट्रेट ने भी युवती को बयान दर्ज किया, जिसके बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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