उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद के झूंसी में इंटर के दो छात्रों ने एप्पल के मोबाइल के लिए अपहरण का ड्रामा रच डाला। एक दोस्त ने साथी के मोबाइल से फोन कर उसके घरवालों से डेढ़ लाख रुपये फिरौती की मांग कर दी।
छात्र के अपहरण की खबर से घर में खलबली मच गई। झूंसी पुलिस भी हरकत में आ गई। पुलिस बदमाशों की तलाश में घेरेबंदी कर रही थी तभी छात्र वापस आ गया। उसने घरवालों को फोन कर बताया कि अपहरणकर्ता उसे अंदावा के पास छोड़कर भाग निकले।
झूंसी के एक तहसीलकर्मी की तैनाती गोंडा जिले में है। उनका छोटा बेटा इंटर का छात्र है। शनिवार शाम को वह घर से गायब हो गया। इसके बाद उसने अपने मोबाइल से घरवालों को दोस्त से फोन कराया।
अपहरण की झूठी खबर से मचा हड़कंप
दोस्त ने घरवालों को फोन पर धमकी दी किउनके बेटे का अपहरण हो गया है। बेटे को सही सलामत चाहते हो तो डेढ़ लाख रुपये का इंतजाम कर रविवार शाम को सुलेम सराय में पहुंचा देना। इसके बाद फोन बंद हो गया। छात्र के अपहरण की खबर से घर में खलबली मच गई।
परेशान घरवालों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी तो झूंसी पुलिस पहुंच गई। पुलिस घरवालों से पूछताछ के बाद छानबीन कर रही थी। लगभग साढ़े तीन घंटे बाद शनिवार रात पौने दस बजे छात्र के मोबाइल से फोन आया। उसने बताया कि अपहरणकर्ता उसे अंदावा के पास छोड़कर भाग निकले हैं। झूंसी पुलिस परिजनों के साथ पहुंची और छात्र को लेकर थाने आई।
पुलिसिया दखल से प्लान हुआ चौपट
पुलिस ने छात्र से पूछताछ की तो पहले वह पुलिस को अपहरण की बात कर गुमराह करता रहा लेकिन अपने बयान में बार-बार फंस जा रहा था। कड़ाई से पूछताछ पर उसने बताया कि उसने अपने एक दोस्त से एक महीना पहले एप्पल का फोन लिया था। जो उससे गिर गया था।
उसका दोस्त उससे फोन के बदले नया मोबाइल या उसकी कीमत मांग रहा था। इससे परेशान होकर उसने दोस्त से कहा कि इतना रुपया कहां से मिलेगा। तब दोनों ने अपहरण की साजिश रच डाली। जिसके तहत वह शाम को घर से निकला और दोस्त के साथ बाइक से सहसों चला गया।
इसके बाद अपने मोबाइल से दोस्त से फोन कराकर फिरौती की मांग की गई लेकिन पुलिस के चक्कर में फंसता देख दोनों डर गए। जिसके बाद दोस्त उसे अंदावा के पास छोड़कर भाग निकला। इंस्पेक्टर झूंसी रामदरश यादव ने बताया कि छात्र ने खुद ही दोस्त के साथ मिलकर अपहरण का ड्रामा किया था।