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भाजपा नेता की हत्या का सनसनीखेज खुलासा

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भाजपा नेता ओमवीर हत्याकांड का बुधवार को सनसनीखेज खुलासा हुआ है। राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के चलते पारिवारिक भाई ने ही ओमवीर की हत्या कराई। मुख्य शूटर ने पुलिस की पूछताछ में यह भेद खोला तो सब हैरान रह गए। पुलिस आरोपी तक पहुंचती, इससे पहले ही वह फरार हो गया।
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नंगला खेपड़ निवासी भाजपा नेता ओमवीर सिंह की मीरापुर से गांव लौटते समय बाइक सवारों ने गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। इस दौरान ओमवीर ने भी अपनी रिवाल्वर से बदमाशों पर गोली चलाई, जिसमें एक गोली शूटर मोनू गुर्जर को लगी थी। मोनू को मोदीपुरम के कोटपाल नर्सिंगहोम से गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस इस मामले में रविंद्र मोटा और राहुल को भी गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके बावजूद भाजपा नेता की हत्या का खुलासा नहीं हो पाया।

पारिवारिक भाई ने रची हत्या की साजिश

बुधवार को पुलिस ने मुख्य अभियुक्त गुलबीर पुत्र धनप्रकाश निवासी मंतौड़ी को गिरफ्तार किया। गुलबीर से पूछताछ के बाद हत्या का सच सामने आया तो हर कोई चौंक गया। सीओ मुकेश मिश्रा और इंस्पेक्टर कमल सिंह यादव ने बताया कि भाजपा नेता की हत्या का ताना-बाना उनके पारिवारिक भाई योगेंद्र पुत्र गजे सिंह ने बुना था।

योगेंद्र ने शूटर गुलबीर से संपर्क किया। गुलबीर ने मोनू गुर्जर और अन्य को तैयार किया। योगेंद्र भाजपा नेता ओमवीर से अदावत रखता था। योगेंद्र ने अक्टूबर 2010 में जिला पंचायत के वार्ड 46 से वंदना वर्मा के सामने चुनाव लड़ा था। जिसमें वह 300 मतों से हार गया था। इस हार के लिए योगेंद्र ओमवीर को जिम्मेदार मानता था।

उसका कहना था कि ओमवीर ने उसके सामने लोकेंद्र भूम्मा को खड़ा किया था, गुर्जर होने की वजह से लोकेंद्र ने उसके वोट काट दिए। योगेंद्र को शक था कि ओमवीर इस बार भाजपा से जिला पंचायत का चुनाव लड़ेगा। ओमवीर को राह से हटाने के लिए उसने हत्या की योजना बनाई।

‘जितने पैसे मांगते उतने दे देता’

गुलबीर पेशेवर अपराधी है। जानसठ थाने में उसके खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हैं। गुलबीर ने बताया कि योगेंद्र से उसकी गहरी दोस्ती थी। उसने ओमवीर की हत्या के लिए तीन-चार लाख रुपये देने के लिए कहा था। हत्या उधार में की गई।

गुलबीर ने बताया कि योगेंद्र से घर जैसी बात थी, जितने पैसे मांगते योगेंद्र दे देता। पिछले दिनों तिसंग के यूनियन बैंक में गुलबीर के खाते में चार लाख रुपये जमा हुए हैं। पुलिस का मानना है कि योगेंद्र ने ही यह रकम भाजपा नेता की सुपारी के लिए जमा कराई है।

गुलबीर की जेल में मोनू गुर्जर से मुलाकात हुई थी। जेल से छूटने के बाद गुलबीर मोनू से अक्सर मिलने जाया करता था। नोएडा में भाजपा नेता विजय पंडित की हत्या की साजिश में शामिल रहे अनिल दुजाना से भी वह बांदा जेल में जाकर मिला था। जेल से छूटने के बाद हस्तिनापुर के अलीपुर मोरना निवासी मोनू गुर्जर गुलबीर से मिला। उसने बताया कि वह आजकल खाली है, कोई काम हो तो बता देना। गुलबीर ने ओमवीर की हत्या का ऑफर मिलते ही मोनू को सूचित कर दिया।
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जाम लगाने वालों में था शामिल

वारदात को अंजाम दिलाने के बाद बसपा नेता खुद पीड़ित परिवार के साथ रोने-पीटने में शामिल हो गया था। मोंटी तिराहे पर जाम लगाने के दौरान भी वह ग्रामीणों के साथ था। बसपा नेता योगेंद्र को उम्मीद थी यह केस कभी नहीं खुलेगा, क्योंकि ओमवीर का मामा की संपति को लेकर विवाद चल रहा था। हत्या का शक भी उन पर ही जाएगा।

भाजपा नेता ओमवीर सिंह के पिता शोभाराम आर्य घटना के खुलासे से संतुष्ट दिखे। प्रेस कांफ्रेंस में आर्य को भी बुलाया गया और शूटर गुलबीर से बात कराई। शोभाराम ने शूटर को नसीहत दी और कहा कि भविष्य में किसी और का बेटा मत छीनना।

शोभाराम ने पुलिस टीम का आभार जताया और हत्याकांड का पर्दाफाश करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने के लिए एसएसपी को पत्र भेजा।
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