बुलंदशहर में भाजपा नेता राजकुमार उर्फ हब्बू की हत्या पूर्व मंत्री डीपी यादव के भांजे मनोज यादव ने कराई थी। मनोज ने शिकारपुर के हिस्ट्रीशीटर को हत्या की सुपारी दी थी। हत्या का कारण प्रॉपर्टी विवाद सामने आया है। पुलिस ने वारदात के समय स्कूटी चलाने वाले बदमाश को गिरफ्तार कर यह खुलासा किया है। पुलिस मनोज यादव समेत फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस ऑफिस में एसएसपी अनंत देव ने बताया कि 23 अक्टूबर 2014 की शाम भाजपा नेता राजकुमार उर्फ हब्बू को उसके घर के दरवाजे पर गोलियों से हत्या कर दी गई थी। हब्बू की पत्नी ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बुधवार सुबह पुलिस ने सिकंदराबाद के नई बस्ती निवासी मोहसिन पुत्र जहीर को गिरफ्तार कर लिया। बदमाश की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्कूटी और एक रिवॉल्वर बरामद की है। बदमाश से पूछताछ में पता चला कि डीपी यादव की नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित शेल्टन होटल के पास 18 बीघा में बाग और 12 बीघा खाली जमीन पड़ी हुई थी।
सितंबर 2014 में मनोज यादव ने हब्बू के कहने पर अपने मामा डीपी यादव से 14 लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से जमीन खरीद ली थी। इसमें हब्बू और एक पार्टनर प्रदीप अग्रवाल भी शामिल था। इसके एक सप्ताह बाद ही राजकुमार हब्बू ने यह जमीन उम्रदराज निवासी सरायकाजी, कासिम निवासी मिर्चीटोला व असलम निवासी अकबरपुर को 21 लाख रुपये प्रति बीघा में बेच दी थी। जमीन की खरोद फरोख्त में हब्बू ने दूसरी तरफ से दलाली ली थी। इसका पता चलने पर पार्टनर प्रदीप अग्रवाल ने मनोज यादव से शिकायत की। इसके बाद मनोज यादव ने हब्बू पर सौदा नहीं करने का दबाव डाला।
हब्बू ने बात नहीं मानी और सौदा फाइनल कर दिया। इससे गुस्साए मनोज यादव ने हब्बू के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी थी। कुछ दिन बाद मनोज यादव ने कोतवाली शिकारपुर क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर गांव आंचरू कला निवासी अशोक प्रधान पुत्र जयवीर सिंह को हब्बू की हत्या कराने की सुपारी दी। अशोक कुछ माह पहले ही जमानत पर जेल से छूटा था। जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात राशिद लंबू से हुई थी। अशोक ने राशिद लंबू को यह जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद राशिद लंबू ने छोटा दानिश और मोहसिन के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस राशिद लंबू को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।