यूपी में बेटी का पिता होना भी अपमानजनक होता जा रहा है। बेटियों से हो रही छेड़छाड़ की घटनाओं में शोहदे के खिलाफ कार्रवाई की गुहार करने पर कई पिताओं को कदम-कदम पर अपमानित होना पड़ा रहा है।
ये घटना फीरोजाबाद की है। बेटी के साथ छेड़छाड़ की शिकायत करने पिता जब आरोपी के घर पहुंचा तो वहां उसे पीटा गया। बंद दरवाजा तोड़कर किशोरी को खींचकर ले जाने का प्रयास किया।
पिता पुलिस के पास पहुंचा तो वहां भी आरोपियों ने उसे पीटा। पुलिस मूकदर्शक बनी रही, सक्रिय हुई तो मेडिकल परीक्षण के नाम पर किशोरी के पिता को भी नशे में बताकर फंसाने का प्रयास किया गया। लोगों के हंगामे के बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
आरोपियों ने पहले घर, फिर पुलिस चौकी में पीटा
मामला आवास विकास कालोनी सुहाग नगर का है। गुरुवार शाम यहां की किशोरी के साथ (14) के साथ पुलिस कर्मी के बेटे रविंद्र ने छेड़छाड़ की।
रात को दुकान बंद कर घर पहुंचे किशोरी के पिता को घटना की जानकारी हुई तो वह इसकी शिकायत करने रविंद्र के घर पहुंच गए।
यहां पर आरोपी ने अपने किशोरी के पिता की पिटाई कर दी। कुछ देर बाद रविंद्र फिर किशोरी के घर पहुंचा और बंद दरवाजे को तोड़कर घर में घुस गया।
उसने किशोरी को खींचकर ले जाने का भी प्रयास किया। मोहल्ले के लोगों के एकत्र होने पर आरोपी फरार हो गए।
सिपाही के बेटे का दुस्साहस, लड़की को खींचने का भी प्रयास
किशोरी का पिता सुहाग नगर चौकी पर पहुंचा तो आरोपी यहां पहले से मौजूद थे। पुलिस के सामने उसे फिर पीटना शुरू कर दिया।
चौकी पर मौजूद सिपाहियों ने पीड़ित की मदद करने की बजाए बीच-बचाव के बहाने आरोपी युवकों को वहां से भाग जाने का मौका दिया।
इसकी जानकारी लोगों को हुई तो उनमें आक्रोश फैल गया और वे पीड़ित पक्ष के साथ रात करीब 11 बजे थाना दक्षिण पहुंचा।
इसके बाद पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज की और आरोपी रविंद्र को सुहाग नगर चौराहा से गिरफ्तार किया।
लड़की के पिता को ही पुलिस ने लपेटा
पुलिस किशोरी के पिता मेडिकल कराने जिला अस्पताल पहुंची तो यहां भी बगैर परीक्षण ही उसे शराब के नशे में बता दिया गया।
लोगों ने हंगामा किया तो सीएमएस ने री मेडिकल के आदेश दिए। इसके बाद रात भर पीड़ित अस्पताल में बैठा रहा लेकिन री मेडिकल नहीं हुआ।
सीओ सिटी राजेश चौधरी का कहना है कि मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। जांच कराई जाएगी जिस वक्त चौकी में पीड़ित के साथ मारपीट हुई, उस वक्त कौन-कौन मौजूद था। अगर पुलिसकर्मी और चौकी प्रभारी दोषी पाए जाते हैं आलाधिकारियों को पत्र लिख कर कार्रवाई कराई जाएगी।