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फेसबुक फ्रेंड के फरेब में फौजी बना गद्दार

Thu, 28 Aug 2014 03:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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फेसबुक पर दोस्ती होने के बाद फ्लोरिडा (अमेरिका) में बैठी पूनम प्रकाश ने फौजी सुनीत के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया था। इतना ही नहीं उसने सुनीत से यह भी कहा कि शादी के बाद दोनों अमेरिका में ही रहेंगे। बस फिर क्या था सुनीत के दिलो दिमाग पर पूनम छा गई और उसकी हर बात मानने लगा था।
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इसी के बाद पूनम ने सुनीत से आर्मी से जुड़ी जानकारियों मांगनी शुरू कर दी। मिलिट्री इंटेलीजेंस की सहायता से एसटीएफ की टीम ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के गांव अन्दरेटा निवासी सुनीत कुमार को गिरफ्तार किया था। झांसी की बबीना कैंट की सप्लाई कोर में सेवाएं दे रहे सुनीत पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को सूचना भेजने के आरोप हैं।

आईएसआई एजेंट आसिफ अली की गिरफ्तारी के बाद सुनीत का नाम सामने आया था। एसटीएफ की पूछताछ में सुनीत ने अपनी पूरी कहानी सुनाई। बताया कि जब वह फौज में भर्ती भी नहीं हुआ था तभी दोस्त प्रभाकर और एक अन्य से फेसबुक पर चेटिंग करता था। प्रभाकर की फ्रेंड लिस्ट में ही पूनम प्रकाश थी। वहीं से उसकी दोस्ती पूनम से हुई।
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फ्लोरिडा में बैठी पूनम ने जताई थी शादी की इच्छा

इसके बाद सुनीत और पूनम के बीच दोस्ती बढ़ती गई और मोबाइल नंबरों का आदान प्रदान हुआ। पूनम विदेशी नंबर से ही बात करती थी। वह खुद को मूलरूप से पंजाब की रहने वाली बताती थी। अमेरिका में बसने का ख्वाब दिखाकर पूनम ने सुनीत को धीरे-धीरे अपने जाल में फांस लिया।

इसके बाद पूनम ने उसका इस्तेमाल शुरू किया और बबीना कैंट सहित आसपास के कैंट के बारे में जानकारियां मांगी। सुनीत ने कैंट का नंबर सहित कुछ जानकारियां उसे दीं। मेरठ से आईएसआई एजेंट आसिफ की गिरफ्तारी होते ही सुनीत और विदेशी महिला के कनेक्शन का राज खुल गया।

लैपटॉप और मेमोरी कार्ड खोलेंगे राजः आसिफ से बरामद मेमोरी कार्ड और सुनीत से बरामद लैपटॉप, डेस्कटाप की हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव में बहुत से राज छिपे हैं। बरामद सामान ज्यूडिशियल कस्टडी में है और माल मुकदमाती बन चुका है। इनसे छानबीन करने के लिए अदालत से अनुमति लेनी होगी। आईएसआई एजेंट आसिफ अली और सुनीत के खिलाफ कोतवाली थाने में केस दर्ज हुआ है।

फौजियों के फेसबुक एकाउंट खंगाल रही आर्मी

केस की विवेचना प्रभाकर केंतुरा कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद सामान छानबीन के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा, उसकी अनुमति लेने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र डाल दिया गया है।

आईएसआई एजेंट आसिफ और फौजी सुनीत की गिरफ्तारी के बाद अब आर्मी इंटेलीजेंस की नजर उन फौजियों और सैन्य अफसरों पर है, जो इनके संपर्क में हैं। इसके लिए आर्मी इंटेलीजेंस फेसबुक का सहारा ले रही है और इन दोनों से जुड़े फौजियों और सैन्य अफसरों के फेसबुक एकाउंट खंगालने में जुटी है।

आईएसआई को सेना की खुफिया जानकारी देने वाले एजेंट आसिफ अली को सेना की सूचना पर एसटीएफ ने 16 अगस्त को गिरफ्तार किया था। आसिफ से पूछताछ के बाद ही एसटीएफ ने शुक्रवार को सुनीत को गिरफ्तार किया। सुनीत के पास आसिफ द्वारा दिया गया लैपटॉप भी बरामद किया गया।

आर्मी इंटेलीजेंस सूत्रों की मानें तो सोशल मीडिया पर मौजूदा समय में बड़ी संख्या में फौजी और सैन्य अफसर हैं। ऐसे में संभव है की सुनीत जैसे और भी फौजी उसके एकाउंट से जुड़े हों और उन्होंने सेना से जुड़ी अहम जानकारियां सुनीत से शेयर की हों।
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फर्जी एकाउंट बनेंगे चुनौती

इसके बाद सुनीत ने इन जानकारियों को पूनम प्रकाश तक पहुंचाया हो। सैन्य खुफिया एजेंसी का मानना है कि आसिफ अली मेरठ का निवासी है और मेरठ छावनी के अहम दस्तावेज उसके पास से मिले थे। ऐसे में संभव है कि आसिफ ने मेरठ में सुनीत के जरिये कई और फौजियों और सैन्य अफसरों से संपर्क किया हो।

फेसबुक फर फर्जी एकाउंट चलाने वालों को तलाशना सैन्य खुफिया एजेंसी के लिए बड़ी चुनौती होगी। उधर, सुनीत की गिरफ्तारी की खबर आम होने से मेरठ समेत मध्य कमान लखनऊ की सभी छावनियों में खलबली मच गई। सैनिकों में इस बात को लेकर चर्चा रही कि आखिर और कौन-कौन फौजी हैं जो इस तरह से आईएसआई की मदद कर रहे हैं।
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