कर्नाटक के नागेश्वर मंदिर से सरस्वती और दुर्गा की दुर्लभ मूर्तियां चोरी होने से पुरातत्व विभाग के अधिकारी भी परेशान हैं। पिछले महीने हुई चोरी के बाद अब विभाग ने राज्य की पुलिस और सीबीआई को पत्र लिखकर इसकी सूचना दी है।
शुरूआती जांच में पता चला है कि वारदात को अंजाम देने से पहले चोरों ने मंदिर के आसपास की रेकी की थी। इसके बाद मौका देखते ही बहुमूल्य मूर्तियों को चुराकर फरार हो गए।
जेएनयू के प्रो. वाईएस एलोन ने बताया कि, दोनों मूर्तियां काफी भारी पत्थर और धातु की बनी थीं, जिन्हें चुराने के लिए कई आदमियों की जरूरत पड़ी होगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि चोरों ने मूर्तियां ले जाने से पहले उन्होंने किसी धारदार हथियार से उन्हें अलग किया होगा।
पुरातत्व विभाग के पत्र में इस बात का जिक्र किया गया है कि मंदिर में चोरी तब हुई जब सुरक्षा गार्ड किसी निजी काम से मंदिर छोड़कर चला गया था। अब तक इस बात का पता नहीं चल सका है कि करीब 800 साल पुराने इस मंदिर से मूर्तियां चोरी करने वाले कौन हैं।