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'बेटी' का किया अंतिम संस्कार, वह मिली लुटेरों के पास

Tue, 28 Jan 2014 12:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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एक परिवार ने 11वीं में पढ़ने वाली अपनी 'बेटी' को मुखाग्नि देने के बाद सारी रस्में पूरी की। 25 दिन पहले जिस बेटी का अपहरण हुआ था उसकी मौत ने घरवालों को तोड़ दिया था।
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लेकिन पुलिस की एक सूचना ने घरवालों के होश उडा़ दिए। पुलिस ने बताया कि उनकी बेटी को लुटेरों के एक गिरोह के साथ पकड़ा गया है। घरवालों के साथ-साथ पुलिस भी इस सोच में पड़े गई कि उन्होंने जिसका अंतिम संस्कार किया, आखिर वह कौन थी?

यह घटना इलाहाबाद जिले के झूंसी इलाके की है। झूंसी थाने की पुलिस का कहना है कि परिवार के लोगों ने ही शिनाख्त में चूक कर दी। छात्रा को मेडिकल टेस्ट के लिए भेजा गया है।
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अपहरण का आरोप, लड़की की लावारिस लाश

झूंसी इलाके के कोतारी गांव से 11 वीं की छात्रा 30 दिसंबर की शाम घर से निकलने के बाद लापता हो गई। दो दिन तक परिजनों ने खोजबीन के बाद झूंसी थाने में अर्जी दी।

आरोप लगाया कि सहसों में रहने वाले शुभम उर्फ बंटी और प्रतापगढ़ कोतवाली इलाके का अंकित खंडेलवाल ने उनकी बेटी का अपहरण किया है। शुभम छात्रा के ही कॉलेज में पढ़ता है।

पुलिस और परिजन खोजबीन में लगे थे, इसी बीच 10 जनवरी को जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर इलाके में किसी लड़की का लावारिस शव मिला। शव कई दिन पुराना था। इस बारे में झूंसी पुलिस को खबर मिली तो लापता छात्रा के घरवालों को बताया गया।

कुछ महीने पहले ‌ही रिहा हुआ ‌था ए‌क आरोपी

उपनिरीक्षक विनोद कुमार ने परिजनों को जौनपुर ले जाकर शव दिखाया। पहले दिन तो परिजनों ने असमंजस जाहिर किया। फिर दूसरे रोज पिता ने कहा कि शव उनकी लापता बेटी का ही है। पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। छात्रा के परिजनों ने उसकी अंत्येष्टि की। फिर सारी रस्म भी पूरी की गई।

छात्रा के घरवालों ने मान लिया कि अपहरण के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। झूंसी थाने की पुलिस ने भी इसी दिशा में जांच जारी रखी। जांच में यह पता चला कि अंकित खंडेलवाल शातिर अपराधी है। वह लूट और हत्या की वारदात कर चुका था।

छात्रा के अपहरण से कुछ महीने पहले ही वह नैनी जेल से छूटा था। जेल में ही उसका परिचय छात्रा के गांव के एक व्यक्ति से हुआ था। वह व्यक्ति भी जेल से रिहा हुआ तो अंकित उसके घर आने-जाने लगा। इसी दौरान उसकी मुलाकात इस छात्रा से हुई थी।
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लुटेरों के गिरोह के साथ मिली अगवा लड़की

बारा थाने की पुलिस ने जब लुटेरों के एक गिरोह को दबोचा तो उसमें अंकित खंडेलवाल भी था। उसके साथ एक लड़की भी मिली। पुलिस को पूछताछ में पता चला कि वह झूंसी के कोतारी से लापता छात्रा है।

इस बारे में झूंसी पुलिस और छात्रा के परिजनों को जानकारी मिली तो वे स्तब्ध रह गए। अंकित ने बताया कि वह छात्रा के साथ शंकरगढ़ इलाके में किराए के मकान में रह रहा था।

इस मामले की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि बरामद छात्रा का मेडिकल टेस्ट कराया गया है। जांच में सहसों इलाके के दूसरे आरोपी शुभम की खास भूमिका नहीं मिली है।
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