मुनीमपुर गांव के एक परिवार पर सोते वक्त तेजाब से हमला बोल दिया गया। घर में सो रही महिला, उसकी दो मासूम बेटियों के चेहरे तेजाब से बुरी तरह झुलस गए।
दहशत के चलते पीड़ित परिवार ने पुलिस को शिकायत तक दर्ज नहीं कराई। निजी अस्पताल में तीनों का इलाज चल रहा है। बुधवार को गांव वालों के साथ परिवार का मुखिया करनपुर चौकी पहुंचा लेकिन पुलिस ने तहरीर लेने से ही इंकार कर दिया। मुनीमपुर निवासी इदरीस फेरी लगाता है।
परिवार में पत्नी शमीम जहां व दो बेटियां शबनम (3) व तीन माह की साइबन है। इदरीस ने बताया कि शनिवार की रात वह परिवार के साथ अपनी झोपड़ी में सो रहा था।
रात करीब ग्यारह बजे किसी ने घर में तेजाब फेंका। तेजाब से वह तो बच गया लेकिन उसकी पत्नी व दोनों बेटियों के चेहरे बुरी तरह झुलस गए। उनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
दहशत के चलते इदरीस ने किसी से घटना का जिक्र तक नहीं किया। बुधवार को ग्रामीणों को पता लगा तो वे इदरीस को लेकर करनपुर चौकी पहुंचे। इदरीस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी।
तेजाब अटैक से गांव में भी दहशत
तीन दिन तक इदरीस ने किसी को कुछ नहीं बताया लेकिन जब बुधवार को ग्रामीणों को इसका पता चला तो गांव वालों में सनसनी फैल गई। छोटे से गांव में भी तेजाब से हमले से हर कोई सन्न है।
तीन महीने की बिटिया पर हमले से लोगों में आक्रोश भी है। लोगों का कहना है कि यदि कोई दुश्मनी है भी तो मासूम पर हमला नहीं किया जाना चाहिए।