सीबीआई ने 15 और 16 मई, 2008 की दरम्यानी रात हुई आरुषि-हेमराज की हत्या की गुत्थी को सुलझाने का दावा करते हुए उंगली उठाई आरुषि के मां-बाप पर।
जांच एजेंसी का मानना है कि डॉ. राजेश तलवार और डॉ. नूपुर तलवार, भले कितनी सफाई क्यों न दे लें, लेकिन उन दोनों की हत्या के पीछे उन्हीं का हाथ है।
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सीबीआई रिपोर्ट के अनुसार, इस हत्याकांड की जांच में यूं तो कई आधार बनाए गए, लेकिन पांच ऐसे कारण हैं, जो तलवार दंपत्ति को कठघरे में खड़ा करते हैं:
1. आरुषि-हेमराज आपत्तिजनक स्थिति में
सीबीआई का कहना है कि वारदात वाली रात राजेश तलवार को कुछ आवाजें सुनाई दीं। वह हेमराज के कमरे में गए, लेकिन वह वहां नहीं था। तब उन्हें आरुषि के कमरे से आवाजें सुनाई दीं। वह उसके कमरे से एक गोल्फ स्टिक लेकर आरुषि के कमरे में गए। बिस्तर पर आरुषि और उनका नौकर हेमराज आपत्तिजनक स्थिति में थे। यह देख उन्होंने अपना आपा खो दिया और गोल्फ स्टिक से हेमराज के सिर पर हमला कर दिया। दूसरी बार जब प्रहार किया तो गोल्फ स्टिक आरुषि को जा लगी।
2. डॉ राजेश की गोल्फ स्टिक
मेडिकल जांच में आरुषि के ललाट पर अंग्रेजी के यू या वी (U or V) आकार के जख्म के निशान पाए गए थे। सीबीआई का मानना है कि वे जख्म गोल्फ स्टिक से प्रहार करने से बना होगा। वो जख्म गोल्फ स्टिक के ऊपरी हिस्से से बने हो सकते हैं। जब पुलिस ने गोल्फ स्टिक को जब्त किया, तो वे अच्छी तरह से साफ किए हुए थे। गोल्फ स्टिक आरुषि के बेडरूम के छज्जे पर छिपाए गए थे।
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3. साफ-सुथरा आरुषि का बिस्तर
जांच के दौरान सीबीआई को आरुषि के बिस्तर की चादर साफ-सुथरी मिली और उस पर एक भी सिलवट नहीं थीं। उसके खिलौने भी अपनी जगह पर व्यवस्थित थे। यह बात सीबीआई को खटकी। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि तलवार दंपति ने हेमराज के शव को चादर में लपेटा और उसे छत पर रख आए। उसके बाद दोनों ने क्राइम सीन से छेड़छाड़ की। उन लोगों ने बिस्तर की चादर और खिलौनों को व्यवस्थित तरीके से रख दिया।
4. बंद कमरे में हत्या?
सीबीआई रिपोर्ट के अनुसार, आरुषि का कमरा बाहर से बंद था। सबसे बाहरी दरवाजा अंदर से और वहां का लकड़ी वाला दरवाजा बाहर से बंद था। खटकने वाला सवाल यह कि बंद कमरे में हत्या कैसे हुई? जांच में सीबीआई को तलवार दंपत्ति पर शक हुआ, क्योंकि उस कमरे में कोई बाहरी व्यक्ति दाखिल नहीं हो सकता था। सीबीआई के अनुसार, तलवार दंपत्ति ने आरुषि-हेमराज के कत्ल के बाद आरुषि का कमरा बाहर से बंद कर दिया। फिर उन्होंने सबसे बाहरी दरवाजा अंदर से और वहां का लकड़ी वाला दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। फिर वे दोनों हेमराज के कमरे से होकर अपने फ्लैट के अंदर आ गए। क्योंकि सबसे बाहरी दरवाजे और आरुषि के कमरे के दरवाजे के बीच में हेमराज के कमरे का दरवाजा खुलता था।
5. धारदार हथियार
इस केस में जांच के दौरान आरुषि और हेमराज के गले पर एक जैसे जख्म के निशान थे। किसी धारदार हथियार से दोनों का गला बेरहमी से काटा गया था। सीबीआई ने बताया कि हेमराज को छत पर एक कोने में ले जाकर तलवार दंपति ने उसका गला धारदार हथियार से काट दिया। फिर शव को कूलर पैनल से ढक दिया ताकि बाद में उसके शव को ठिकाने लगा दें। उसके बाद उन्होंने आरुषि के गले को भी वैसे ही काट दिया, जैसे हेमराज का गला काटा था। ताकि ये लगे कि एक ही शख्स ने एक ही हथियार से दोनों का कत्ल किया है। उसके बाद नूपुर ने आरुषि के गुप्तांग को साफ किया था।