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आरुषि हत्याकांड में एक नहीं, 5 लोगों पर हुआ शक

Mon, 25 Nov 2013 03:46 PM IST
टीम डिजिटल, ब्यूरो/अमर उजाला नोएडा
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आरुषि तलवार की नृशंस हत्या की खबर से 16 मई, 2008 को पूरे नोएडा और बाद में देश भर में सनसनी फैल गई थी।
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इस हत्या का मकसद क्या था और हत्यारा कौन हो सकता है, इस पर पुलिस जांच कर रही थी। उस दौरान पांच ऐसे किरदार सामने आए, जिन पर हत्या का शक हुआ।

1. हेमराज (डॉ. राजेश तलवार का नौकर)

कत्ल की सूचना पाकर पुलिस मौका-ए-वारदात पर पहुंची। शुरुआती छानबीन में पुलिस को डॉ. राजेश तलवार के लापता नौकर हेमराज पर हत्या का शक हुआ। पुलिस ने उसकी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। उसका मोबाइल फोन भी नहीं लग रहा था। आरुषि की हत्या के दो दिन बाद ही हेमराज की लाश डॉ. तलवार के फ्लैट की छत पर मिली। यह दोहरा हत्याकांड पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। इसमें सबसे बड़ी बात यह रही कि आज तक हेमराज का मोबाइल नहीं मिला।

पढ़ें, आरुषि-हेमराज का हत्यारा कौन?

2. किशन कुमार उर्फ कृष्णा (डॉ. राजेश तलवार का कम्पाउंडर)

पुलिस अभी तक हेमराज को मुख्य आरोपी मानकर तफ्तीश कर रही थी, लेकिन जब उसकी लाश मिली तो मामला और भी रहस्यमयी हो गया। फिर पुलिस को डॉ. तलवार के कम्पाउंडर किशन कुमार उर्फ कृष्णा पर शक हुआ। क्योंकि हेमराज और कृष्णा दोनों ही नेपाल के रहने वाले थे। जांच के दौरान उसके कमरे से एक खुखरी मिली, ऐसा माने जाने लगा कि हेमराज के शरीर पर जो जख्म के निशान थे वे इसके ही हो सकते हैं। उसके बाद कृष्णा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, लेकिन हर बार उसका बयान अलग-अलग रहा। इस आधार पर जांच अधिकारियों ने उसका लाई डिटेक्टर, नार्को एनालिसिस, ब्रेन मैपिंग और पालीग्राफ टेस्ट कराया। लेकिन कोर्ट में उसके खिलाफ सभी आरोप निराधार साबित हुए और उसे जमानत मिल गई।
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3. राजकुमार (तलवार की पड़ोसन अनीता दुर्रानी का नौकर)

जांच अधिकारियों ने शक के आधार पर कृष्णा के साथ-साथ दो और नौकरों को पकड़ा था, जो तलवार के पड़ोसियों के यहां काम करते थे। तलवार की पड़ोसन अनीता दुर्रानी के नौकर राजकुमार भी नेपाल का रहने वाला था। उस समय जांच अधिकारियों को लगा कि कृष्णा और राजकुमार ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया होगा। लेकिन कोर्ट ने उसे भी जमानत दे दी। राजकुमार नेपाल से भारत हीरो बनने आया था, लेकिन इस हत्याकांड ने उसके सारे सपनों को चकनाचूर कर दिया। वह वापस नेपाल लौट गया।

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4. विजय मंडल (तलवार के पड़ोसी का नौकर)

हेमराज का शव मिलने के बाद जांच अधिकारियों ने तलवार के पड़ोसी के एक और नौकर विजय मंडल को हिरासत में लिया था। वह बिहार का रहने वाला था। जुलाई 2008 में सीबीआई ने कहा कि कृष्णा, राजकुमार और विजय मंडल संदिग्ध हैं। जबकि 2010 में सीबीआई के ही एक अधिकारी ने कोर्ट से कहा कि हत्या के समय ये तीनों तलवार के घर पर मौजूद नहीं थे।
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5. राजेश और नूपुर तलवार

नौकरों को क्लीन चिट मिलने के बाद शक की सुई तलवार दंपत्ति पर आकर टिक गई। सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा कि आरुषि और हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में देखने के बाद राजेश तलवार ने इस वारदात को अंजाम दिया और इसमें उनकी पत्नी नूपुर तलवार ने साथ दिया। कत्ल के बाद दोनों ने खून से सने कपड़ों, चादर को हटा दिया। आरुषि के कमरे को साफ कर व्यवस्थित कर दिया और कमरे को बाहर से बंद कर दिया।
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