हरियाणा के हिसार में एक युवती के साथ दुष्कर्म और उसकी तीन सहेलियों के साथ हुई छेड़छाड़ मामले में एक नया खुलासा हुआ है। पीड़िता के परिजनों का कहना है कि दुष्कर्म और छेड़छाड़ में शामिल युवकों ने युवतियों के एमएमएस भी बनाए हैं।
परिजनों ने बताया कि घटना के दौरान जब एफआईआर दर्ज की गई तो युवतियां डरी हुई थीं। वे अपने साथ हुए हादसे को सही से बयां नहीं कर पाईं। परिजनों के अनुसार युवतियों ने उन्हें बताया है कि आरोपियों ने उनके एमएमएस भी बनाए हैं।
एमएमएस बनाते समय यह भी धमकी दी थी कि अगर किसी को मामले के बारे में बताया तो ये सार्वजनिक कर दिए जाएंगे।
रेलवे स्टेशन से बरामद हुई चारों लड़कियां
दरअसल, तीन दिन पहले हिसार के एक गांव में पांच युवक एक लड़की का अपहरण कर उसे गाड़ी में डालने लगते है। तभी उस लड़की की तीन अन्य सहेलियां वहां पहुंच कर उनका विरोध करती हैं।
विरोध के बाद पांचों युवक उन तीन लड़कियों को भी नशीला पदार्थ सुंघाकर उठा लेते है और उनमें से एक के साथ बलात्कार करते है। पीड़ित लड़कियों में दो नाबालिग थीं। सभी लड़कियों को पंजाब के भठिंडा रेलवे स्टेशन से बरामद किया गया।
मौके से युवक फरार थे। 24 मार्च की रात 10 बजे परिजन लड़कियों को लेकर घर पहुंचे। परिजनों व लड़कियों ने मंगलवार को पुलिस के सामने पूरा मामला बताया। पुलिस ने दोनों नाबालिग लड़कियों सहित चारों के महिला वकील की मौजूदगी में बयान दर्ज करवाए हैं।
आरोपियों की फांसी देने की मांग
उधर, पुलिस ने पकड़े गए आरोपी ललित और संदीप को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने कोर्ट से दोनों आरोपियों का तीन दिन के रिमांड पर लिया है।
पुलिस पीआरओ हरीश भारद्वाज ने बताया है कि पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों के घटना में दो अन्य युवक कौन शामिल थे, कौन सी गाड़ी का उपयोग किया गया समेत कई सवालों के जवाब हासिल करेगी।
जिला प्रशासन ने दुष्कर्म पीड़िता एक युवती को राहत कोष से 65 हजार रुपये का चेक दिया है। मामले की पुष्टि पुलिस पीआरओ ने की है। युवती के परिजनों ने भी चेक मिल जाने की बात स्वीकार की है।
सरपंच ने दी थी धमकी
इस मामले में पीड़ित युवतियों में से एक के पिता का अरोप है कि एक माह पहले ही सरपंच ने उन्हें मुंह दिखाने लायक न छोड़ने की धमकी दी थी। उसने बताया कि सरपंच ने एक माह पहले पानी को लेकर झगड़ा किया था।
पीड़ित परिवार के मुखिया को सरपंच और उसके परिजनों ने पीट-पीटकर घायल कर दिया था। मामले की शिकायत उन्होंने पुलिस को भी दी थी। उस समय दबाव में आकर उसने शिकायत वापस ले ली और समझौता कर लिया।
समझौता होने के एक दो दिन बाद ही सरपंच ने उसे धमकी दी कि इस बार तो बच गया। इस बार ऐसा काम करूंगा कि किसी को मुंह दिखाने लायक ही नहीं रहोगे। परिजनों का आरोप है कि सरपंच ने उसी धमकी का बदला लिया है।
लघु सचिवालय का आज करेंगे गेट बंद
गांव के लोग और परिवार के सदस्य बृहस्पतिवार को भी धरने पर बैठे रहे। परिवार के सदस्यों ने कहा कि अगर सुबह तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे लघु सचिवालय का रास्ता रोकेंगे।
परिजनों ने कहा कि सुबह 9 बजे लघु सचिवालय का गेट बंद किया जाएगा।
धरने पर बैठे विभिन्न संगठनों के सदस्यों और ग्रामीणों ने आरोपियों की फांसी की सजा की मांग की है। उन्होंने कहा कि हर बार दलित लोगों पर अत्याचार हो रहे हैं। दबंगों का खौफ दलितों पर बढ़ रहा है।
आरोपियों को ऐसी सजा दी जाए, ताकि दलितों पर हो रहे अत्याचारों पर रोक लगे।