एक मोटर मैकेनिक को करोड़पति बनाने का झांसा देकर एक जालसाज ने लूट लिया। लॉटरी के नाम पर जालसाज ने पीड़ित से 25 लाख रुपये अपने बैंक खाते में जमा करा लिए। गरीब मैकेनिक ने बारी-बारी अपना दो एकड़ खेत भी बेच दिया।
मामला यूपी के देवरिया जिले का है। सब कुछ गंवाने के बाद जब उसकी आंखें खुलीं तो बहुत देर हो चुकी थी। फिलहाल, एसपी देवरिया के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की टीम जालसाज की तलाश में जुटी है।
खामपार के मोटर मैकेनिक राघव कुशवाहा का पूरा परिवार खेती पर ही निर्भर है। मार्च 2014 में उसके मोबाइल पर एक शख्स ने फोन किया, जिसने खुद को मोबाइल कंपनी का मैनेजर बताया। उसने राघव को बताया कि उसकी कंपनी की तरफ से उसकी एक करोड़ 12 लाख रुपये की लॉटरी निकली है।
आयात शुल्क के रूप में उसे करीब एक लाख रुपये जमा करना होंगे। गरीबी से तंग इस परिवार को लगा जैसे उनके बुरे दिन अब कटने वाले हैं। पत्नी को उसने जब इसके बारे में बताया तो उसने भी भगवान की मेहरबानी मानकर पति की बातों पर यकीन कर लिया।
जालसाज के झांसे में आकर दो एकड़ खेत भी बेचा
जालसाज के कहने पर राघव अपनी मेहनत की कमाई से जुटाए गए रुपये उसके बताए बैंक खाते में जमा करने लगा। हालांकि, उसकी बात उनके समझ में नहीं आ रही थी। करीब चार लाख रुपये जमा करने के बाद उसने बताया कि लखनऊ ब्रांच में वह अपना एटीएम कार्ड भेज दे और अपने खाते में 10 लाख रुपये जमा कर दे।
जमा कराई गई रकम भी उसे वापस कर दी जाएगी। जालसाज के जाल में फंस चुके राघव ने खेत बेच कर 10 लाख रुपये और एटीएम कार्ड जालसाज के पते पर भेज दिया। उसका कोड नंबर भी बता दिया। करीब 12 लाख रुपये राघव के खाते से जालसाज ने निकाल लिया।
इस दौरान उसने बताया कि 35 लाख का चेक अमेरिका से आ गया है। बाकी रुपये खाते में भेज दो। बचा खेत भी राघव ने बेचकर कुल 24 लाख पचास हजार रुपये जालसाज के खाते में डाल दिया। राघव का सब कुछ खत्म हो चुका था। लेकिन उसने मन में करोड़पति बनने की चाह बची थी।
झांसे में लेकर ऐसे बनाया शिकार
करीब 20 दिन पहले जालसाज ने फोन कर 50 हजार रुपये की मांग की। कुछ कर्जदारों ने अपने बकाए रुपये राघव से मांगना शुरू किया तो गांव के लोगों को भी मामले की जानकारी हुई। रिश्तेदारों ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक डॉ. एस चन्नप्पा से की। एसपी ने कहा कि क्राइम ब्रांच की टीम मामले की जांच कर रही है। आरोपी की कुछ गतिविधियां कानपुर के आसपास मिली हैं। कार्रवाई की जाएगी।
लाटरी का ऑफर देने वाले जालसाज ने राघव के मोबाइल पर कई नंबरों से फोन किया। एक करोड़ रुपये के लिए उसने पहले एक लाख रुपये जमा करने की बात कहीं। लेकिन राघव ने जब एक लाख रुपये जमा कर दिया तो जालसाज धीरे-धीरे रुपये की मांग बढ़ाता गया।
एक खाते में वह रुपये नहीं जमा करता था। कई 30 अलग-अलग खातों में राघव ने रुपये जमा किया। यहीं नहीं उसने राघव को एटीएम कार्ड भी अपने पास मांगा लिया और उसके खाते से ही निकासी करने लगा। पूरी योजना के तहत जालसाज ने काम किया। जिसमें पीड़ित फंसता गया।