उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ़ जिले के कुंडा, हथिगवां थाना क्षेत्र के सरैया प्रवेशपुर गांव में शनिवार रात पंचायत चुनाव की रंजिश में घर से बुलाकर सुरेंद्र गौतम (22) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सुबह उसका शव ग्रामीणों ने देखा तो हड़कंप मच गया।
मौके पर जुटी भीड़ आक्रोशित हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंची तो ग्रामीणों ने उसे दौड़ा लिया। ग्रामीण किसी को शव के करीब नहीं जाने दे रहे थे। बवाल की जानकारी होने पर आसपास के थानों से बड़ी संख्या में फोर्स पहुंच गई।
इसके साथ ही थोड़ी देर में जिलाधिकारी के साथ ही एसपी भी पहुंचे। बावजूद इसके ग्रामीणों ने करीब छह घंटे तक शव नहीं उठने दिया। बाद में काफी समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीणों ने शव उठाने दिया। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ हत्या सहित एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गांव के बाहर मिला शव, लोगों में रोष
सरैया प्रवेशपुर गांव में पंचायत चुनाव में करीब आधा दर्जन लोग प्रधान पद के उम्मीदवार थे। इनमें से गांव का सुरेंद्र गौतम पुत्र सोहनलाल गांव के कमलेंद्र पांडेय का समर्थक था। इसके चलते उसे धमकियां मिल रहीं थीं।
ग्रामीणों की मानें तो गांव के एक प्रत्याशी ने उसे 13 दिसंबर को गोली मारने की धमकी दी थी। शनिवार की रात सुरेंद्र के मोबाइल पर गांव के एक व्यक्ति का फोन आया और उसे बुलाया गया। जिस पर वह घर से निकलकर उस व्यक्ति के पास चला गया, लेकिन फिर लौटकर घर नहीं आया।
सुबह जब ग्रामीण खेतों की तरफ गए तो उसका रक्तरंजित शव पड़ा हुआ था। उसकी दाहिनी कनपटी पर गोली लगी हुई थी और घटनास्थल के आसपास खून फैला हुआ था। यह देख लोगों ने शोर मचाया तो आसपास के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। गांववालों का आरोप था कि जिस व्यक्ति ने धमकी दी थी उसी ने ज्वाला उर्फ सुरेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी।
प्रतापगढ़ में लकड़ी ठेकेदार पर बरसाईं गोलियां
वहीं दूसरी घटना में प्रतापगढ़ कंधई थाना क्षेत्र के खूजीकलां गांव में रविवार की दोपहर बाइक सवार दो बदमाशों ने लकड़ी ठेकेदार विक्रम सिंह (28) पर ताबड़तोड़ कई गोलियां चलाईं। सीना और पेट में तीन गोलियां लगने के बाद वह गिर पड़ा।
जख्मी ठेकेदार को ग्रामीणों की मदद से जिला अस्पताल लाया गया, जहां हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने इलाहाबाद के लिए रेफर कर दिया। घटना के बाद से ग्रामीण दहशत में हैं। सूचना पर सीओ के साथ ही कंधई एसओ फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस वारदात को कारण जानने में जुटी है।
विक्रम सिंह पुत्र बृजभूषण सिंह रविवार की दोपहर करीब 11.50 पर गांव के किनारे गोसाईं बीर बाबा के मैदान में साथियों के साथ मैच खेल रहा था। इस बीच उसके मोबाइल पर किसी का फोन आया। फोन करने वाले ने उससे मिलने की बात कही। इसके बाद फोन कट गया।
विक्रम सिंह मैदान से घर आ गया। वह बरामदे में तख्त पर लेटा था। तभी पल्सर सवार दो युवक पहुंचे। उन्होंने घरवालों से विक्रम के बारे में पूछा। जानकारी होने पर विक्रम बाहर निकला और दोनों युवकों से बात करने लगा। इस बीच उनमें से एक युवक ने अपने मोबाइल से किसी को फोन लगाया और विक्रम सिंह को बात करने के लिए दे दिया।
विक्रम सिंह बात करते हुए दस कदम घर से पीछे की तरह बढ़ा ही था कि बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ फायर झोंक दिए। एक गोली बगल से निकल गई।
इसके बाद दो गोली विक्र म सिंह के पेट में और एक गले के नीचे सीने के पास लगी। वह वहीं गिरकर तड़पने लगा। जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक हमलावर फरार हो गए। गोली चलने से खूजी कला गांव में हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों के साथ परिजन फौरन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां हालत नाजुक देखकर चिकित्सकों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया। सूचना मिलते ही एसओ कंधई, सीओ पट्टी, एएसपी व एसडीएम मौके पर पहुंच गए और पड़ताल शुरू कर दी।
बताया जाता है कि दो वर्ष पहले भी विक्रम सिंह पर बदमाशों ने जानलेवा हमला किया था। उस समय भी उसे गोली लगी थी। मगर इलाज के बाद वह ठीक हो गया था।
कंधई थाने के एसओ सुरेश सैनी मामले पर कहा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापामारी की जा रही है। कई बिंदुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है।