नौ साल के मंदबुद्धि बच्चे के अपहरण और उसकी जान लेने के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों को पकड़ा है। इनमें से दो आरोपी नाबालिग हैं। इनमें से एक मृतक का सौतेला भाई और एक रिश्तेदार है।
कनार्टक के धारवाड़ की इस घटना में हैड कांस्टेबल शंभूलिंगया के बेटे मंजूनाथ का एक दिन उसके घर के पास से अपहरण हो गया था। उसकी मां और हैड कांस्टेबल की दूसरी पत्नी ने पास के पुलिस थाने में बेटे की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया।
फिर पुलिस ने मंजूनाथ की तलाश शुरू की और करीब पांच दिन बाद मंजूनाथ का शव शिवाली के जंगलों में मिला। इसके बाद पुलिस की जांच हैडकांस्टेबल की पहली पत्नी से हुए बच्चे पर जाकर अटक गई। पड़ताल के बाद पुलिस ने हैडकांस्टेबल की पहली पत्नी के पिता, उसके भाई और मृतक के सौतेले भाई पर शिकंजा कसा।
पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे मृतक को बाहर घुमाने का लालच देकर ले गए थे। वे उसे जंगल के किनारे ले गए और वहां उसे चाकू घोंप दिया। वहां से उन्होंने उसके शव को जंगल में फेंक दिया और लौट आए। पुलिस ने बताया कि दोनों परिवारों में संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था।