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जब हरभजन के लिए कुंबले से भिड़े गांगुली

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भारतीय क्रिकेट में पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को काफी आक्रामक और कड़ा कप्तान माना जाता है लेकिन अपने साथी खिलाड़ियों को समझाने में उन्हें भी काफी दिमाग खपाना पड़ता था। यहां एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए गांगुली ने साथी खिलाड़ियों के साथ हुए कुछ किस्से सुनाए।
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गांगुली ने बताया कि वह एकमात्र ऐसे कप्तान रहे होंगे जिन्होंने हरभजन सिंह को अंतिम एकादश में खिलाने के लिए महान स्पिनर अनिल कुंबले से लड़ाई तक करनी पड़ गई। गांगुली ने बताया कि "न्यूजीलैंड दौरे पर मैंने एक टेस्ट से कुंबले को अंतिम एकादश से बाहर कर दिया।

टीम मीटिंग के बाद कुंबले मेरे पास आए और बोले कि मुझे लगता है कि अब संन्यास ले लेना चाहिए और मैं घर वापस लौटने पर भी विचार कर रहा हूं। मैंने सोचा कि यदि मैं कहूंगा कि भज्जी ने इस सीजन 50 विकेट लिए हैं तो वह कहेंगे कि, तो क्या हुआ, मैंने 400 टेस्ट विकेट लिए हैं। मैंने किसी तरह से कुंबले को समझाया।"
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'लक्ष्मण, जहीर, नेहरा, युवराज के भी अनोखे कारनामे'

गांगुली ने बताया कि मैंने एक बार वीवीएस लक्ष्मण को ओपनिंग करने को कहा तो उन्होंने साफ मना कर दिया। वहीं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक टेस्ट मैच में मैंने मैथ्यू हेडन के लिए डीप फाइनल लेग और डीप मिड विकेट पर फील्ड सेट किया और जहीर खान से बाउंसर डालने के लिए कहा लेकिन वह फुल आउस्विंगर डाल रहे थे।

मैं जहीर के पास गया और कहा, ‘तुम क्या कर रहे हो? तुम क्या मुझे बेवकूफ समझते हो।’ जहीर ने मेरी तरफ देखा और फिर अगली बॉल फुल आउस्विंगर डाल दी।

इसी तरह से आशीष नेहरा के साथ सबसे बड़ी समस्या थी कि वह रात को 11 बजे मेरे रूम की बेल बजाएगा और फिर मुझे उसे काफी संयमित होकर समझाना पड़ेगा। वहीं प्रत्येक मैच से पहले मुझे यह सुनिश्चित करना होता था कि युवराज अपने होटल के कमरे में ही रहे।
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