मुसिंबल में चार दिन से डायरिया पांव पसर रहा था, लेकिन प्रशासन की नींद हालात बिगड़ने पर खुली। रविवार को सीटीएम बिजेंद्र सिंह समेत स्वास्थ्य व जनस्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव में डेरा डाले रखा। पब्लिक हेल्थ की टीम ने गांव में क्षतिग्रस्त पीने के पानी की पाइप बदलवाई और घरों से पानी के सैंपल लिए। प्रशासन ने गांव में
जगह-जगह फैली गंदगी को भी जेसीबी की मदद से हटवा दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर प्रशासन पहले हरकत में आया होता तो हालात बेकाबू न होते।
ग्रामीण लखविंद्र सिंह, रामदयाल, सुरेश कुमार ने बताया कि रविदास मंदिर के सामने बस्ती में नाली से निकल रही पानी की पाइप में लीकेज थी। इस कारण घरों में दूषित पानी की सप्लाई हुई और उसे पीकर लोग बीमार पड़ गए। इस संबंध में संबंधित विभाग को सूचित किया गया था, लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
चार दिन पहले गांव में उल्टी-दस्त के पीड़ित सामने आए और अब घर-घर में डायरिया के मरीज हो गए हैं। गांव में दूषित पेयजल सप्लाई के अलावा जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे थे। बता दें कि गांव में शनिवार को सौ से अधिक डायरिया के संदिग्ध मरीज सामने आए थे। इसके बाद से जनस्वास्थ्य व स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में तैनात हैं।
रविवार को 12 नए मामले सामने आए
गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से छह डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है, जो गांव में डायरिया व इसके संदिग्ध मरीजों के इलाज का जिम्मा संभाले हुए है। शनिवार देर शाम के बाद रविवार को दिनभर टीम ने घर-घर जाकर लोगों का स्वास्थ्य जांचा। रविवार को गांव से 12 नए मरीज सामने आए, जिन्हें जांच के बाद ओआरएस के घोल व अन्य दवाएं दी गईं।
पानी के टैंकर भेजे
गांव में डायरिया फैलने की खबर के बाद हरकत में आए जनस्वास्थ्य विभाग ने शनिवार देर शाम गांव में दो पानी के टैंकर भेजे थे। क्योंकि डायरिया फैलने के बाद से गांव के लोग घरों में ट्यूबवेल से आ रही पानी से भयभीत हैं। रविवार को भी गांव में पानी के आठ टैंकर मंगवाए गए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल व घरेलू कार्यों के लिए दिक्कत का सामना न करना पड़े।
जगाधरी सिविल में तीन को छुट्टी, 21 अब भी भर्ती
शनिवार को गांव मुसिंबल से गंभीर हालत में भर्ती किए गए 24 मरीजों में से तीन की हालत में सुधार देख उन्हें छुट्टी दे दी गई। जबकि 21 मरीज अभी भी भर्ती हैं, जिनमें पांच पुरुष, 12 महिलाएं व चार बच्चे शामिल हैं। रविवार को गांव से एक नया और मरीज भर्ती किया गया। डीसी डॉ. एसएस फुलिया ने अस्पताल का दौरा कर डायरिया से पीड़ित मरीजों का हालचाल जाना। डीसी ने बताया कि मरीजों की हालत में अब सुधार है। डायरिया की रोकथाम के लिए प्रशासन ठोस कदम उठा रहा है।
स्थिति अब नियंत्रण में है। अस्पताल में दाखिल डायरिया के सभी मरीजों के शौच के कोलरा के सैंपल जांच के लिए गए, जो जांच करने पर नेगेटिव पाए गए हैं।
डॉ. पृथ्वी सिंह, चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल, जगाधरी।