जिला योजना के लक्ष्य को 25 मार्च तक पूरा नहीं करने
वाले विभागों के मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मार्च में विभिन्न
विभागों को जिला योजना की 43.77 करोड़ रुपए में से 31 प्रतिशत रकम खर्च
करनी होगी। मुख्य विकास अधिकारी श्याम सिंह पांगती ने बुधवार को जिला,
राज्य, केंद्र पोषित योजनाओं की समीक्षा बैठक में अवमुक्त रकम का उपयोग 20
मार्च तक हर हाल में करने की हिदायत दी गई है। ऐसा नहीं होने पर विभागीय
अधिकारियों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि की चेतावनी दी गई है।
मौजूदा
वित्त वर्ष की जिला योजना में फरवरी तक 69 प्रतिशत रकम खर्च की जा चुकी
है। शेष धनराशि को इस माह हर हाल में व्यय करने को कहा गया। 2015-16 के लिए
प्रस्तावित कार्यो की सूची 15 मार्च तक जिला पंचायत को अनिवार्य रूप से
देने के निर्देश दिए गए हैं। बीस सूत्रीय कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा
भी हुई। डी श्रेणी वाले विभागों से तेजी से काम कर लक्ष्य हासिल करने को
कहा गया। बैठक में डीडीओ वीके उपाध्याय, सीएमओ डा.प्रवीण कुमार, डीएचओ
डा.एमसी तिवारी, एडीएसटीओ एलएम जोशी सहित तमाम अधिकारी मौजूद थे।
सीमांत क्षेत्रों में लगेंगे पालीहाउस
चंपावत।
सीमांत क्षेत्र विकास योजना (बीएडीपी) के प्रस्तावों को अंतिम रूप देने को
कहा गया। सीडीओ ने इन प्रस्तावों में कार्यों की उपयोगिता के साथ जमीन की
उपलब्धता के आधार पर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। सीमावर्ती क्षेत्रों
में पालीहाउस स्थापित करने के लिए कलस्टर के रूप में विकसित कर कार्ययोजना
पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।