मसूरी में आयोजित हो रहे विंटर कार्निवाल में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने और फिल्म निर्माण के साथ ही लोकेशन पर पैनल डिस्कशन हुआ।
बेहतरीन लोकेशन
डिस्कशन में फिल्म निर्देशक तिग्मांशु धूलिया, फिल्म अभिनेता जिमी शेरगिल और पर्यटन सचिव उमाकांत पंवार ने कई पहलुओं पर गंभीर चर्चा की। पैनलिस्टों का मानना है कि उत्तराखंड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां फिल्मांकन के लिहाज से बेहतरीन लोकेशन हैं।
चर्चा को वरिष्ठ पत्रकार सतीश शर्मा ने कोआर्डिनेट किया। पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के सदस्य संदीप साहनी, कर्नल एस एस सिंह, अंजलि, पर्यटन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
बाद में आवास विकास और पेयजल सचिव एम एच खान, जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरूषोत्तम, फिल्म अभिनेता विवेक ओबराय ने भी पर्यटन बढ़ाने के मुद्दे पर अनौपचारिक बातचीत की।
परिचर्चा में किसने क्या कहा
फिल्म निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने कहा कि गढ़वाली और कुमाउंनी में साल में कम से कम एक-एक अच्छी फिल्म बनाई जाए। इसमें सरकार को भी मदद करनी चाहिए। युवाओं के लिए वर्कशॉप के साथ यहां फिल्म सिटी और डुपलेक्स थियेटर बनाए जाएं।
धूलिया ने कहा कि वह अपनी फिल्मों की शूटिंग उत्तराखंड में करना चाहते हैं लेकिन बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर न होने से दिक्कत आती है। बताया कि वह फरवरी में उत्तराखंड भ्रमण कर फिल्मों के लिए लोकेशन की तलाश करेंगे।
पंजाब में रोजाना चलते हैं 700 शो
फिल्म अभिनेता जिमी शेरगिल का कहना है कि पंजाब में शुरुआती दौर में रीजनल फिल्में नहीं बनती थीं। अब हालत यह है कि प्रतिदिन यहां रीजनल फिल्मों के 700 शो चलते हैं।
बताया कि उनका मसूरी और उत्तराखंड से पुराना नाता रहा है। जिमी ने कहा कि तिग्मांशु जो भी फिल्म उत्तराखंड की बोली या हिंदी में निर्देशित करेंगे वह उसमें भूमिका निभाएंगे।
पर्यटन सचिव उमाकांत पंवार ने कहा कि भविष्य में अच्छे बजट की गढ़वाली और कुमाउंनी फिल्म का निर्माण किया जाएगा।
इसके लिए सरकार भी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही फिल्म नीति बनाई जाएगी जिसमें जाने-माने फिल्मकारों की सलाह ली जाएगी।
थियेटर निर्माण में भी सरकार मदद को तैयार है। उन्होंने माना कि आपदा के बाद जिस तेजी से पर्यटन व्यवसाय को ढर्रे पर लाने के लिए काम किया जाना चाहिए था, वह नहीं हुआ।