इस सर्वेक्षण के आंकड़ों के ज़रिए हम आपको बता रहे हैं कि लोगों के मन में अपने शहरों की छवि कैसी है। उनकी अवधारणा क्या है। यह वह छवि है, जो आपके जवाबों से उभरी है। हो सकता है कि सच इससे एकदम अलग हो।
अगले दो महीनों तक हम आपके शहरों की छवियां आपके सामने रखते रहेंगे।
अमर उजाला अपने उत्तरदायित्वों को भली भांति समझता है। इसलिए हम सर्वेक्षण से आपकी अवधारणा ज़ाहिर करके रुकने वाले नहीं हैं। हम आप सबके साथ मिलकर इस अवधारणा को बदलना चाहते हैं। ज़रूरत पड़े तो सच को भी बदलने के लिए आपके संघर्ष का साथ देंगे।
हमने इस सर्वेक्षण को विश्वसनीय बनाने के लिए हंसा रिसर्च एजेंसी को चुना, क्योंकि वह एक अकेली ऐसी भारतीय कंपनी है जो दुनिया के 77 देशों में जाकर सर्वेक्षण का कार्य करती है। उसके सर्वेक्षणों को विश्वसनीय माना जाता है।
हमारा दृष्टिकोण सामाजिक है। इसलिए इस सर्वेक्षण को राजनीतिक चश्मे से देखने पर बहुत कुछ धुंधला दिखाई देगा।
हमें आपकी राय की प्रतीक्षा रहेगी। - संपादक