रेलवे भर्ती में बृहस्पतिवार को एक हाईटेक फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। यहां दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान एक अभ्यर्थी के अंगुठे में फर्जी फिंगरप्रिंट पकड़ा गया। रेलवे अफसरों ने आरोपी को सिविल लाइंस पुलिस के हवाले कर दिया, जहां उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, रेलवे भर्ती सेल की ओर से ग्रुप डी की परीक्षा के लिए पिछले दिनों सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड ऑनलाइन टेस्ट) का आयोजन किया गया था। इसमें सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया इन दिनों चल रही है। इसके लिए रोजाना 20-20 अभ्यर्थियों को बुलाया जाता है। इसी क्रम मेें बृहस्पतिवार को क्रम संख्या 551 से 570 तक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया था।
सत्यापन के दौरान रेलवे अफसर पराग गुप्ता ने क्रम संख्या 555 के अभ्यर्थी राजनीतिक राज पुत्र अशोक कुमार के सीबीटी के दौरान लिए गए फिंगरप्रिंट से मिलान किया तो पता चला कि उसने अपने अंगुठे में प्लास्टिक का फर्जी फिंगरप्रिंट लगा रखा था। फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद अभ्यर्थी से पूछताछ की गई तो पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। इसके बाद सिविल लाइंस थाने पहुंचकर आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। साथ ही उसके पास से बरामद फर्जी फिंगर प्रिंट भी सौंप दिया गया।
सिविल लाइंस इंस्पेक्टर राकेश चौरसिया ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी व परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उससे पूछताछ की जा रही है।