इस आयोजन के जरिए योगी सरकार दो लाख परिवारों तक सीधी पहुंच बनाने जा रही है। एक लाख बेटियों का विवाह होगा तो एक लाख वर के घरों तक भी सरकार सीधे पहुंचेगी। इन आयोजनों में सरकार के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की सक्रिय भागीदारी रहेगी।
पिछले वित्त वर्ष में 9 फरवरी को सामूहिक विवाह में 10 हजार बेटियों की शादी का लक्ष्य था, लेकिन 15 हजार बेटियों की शादी की गई। इस बार सामूहिक विवाह के लिए जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद पता चलेगा कि किस जिले में कितनी बेटियाें का सामूहिक विवाह होगा। इसकी तिथि भी जल्द ही तय की जाएंगी। - रमापति शास्त्री, समाज कल्याण मंत्री