मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बाघों की मौतों में इजाफा हुआ है। शुक्रवार को उमेरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में कथित तौर पर एक शावक मृत पाया गया। 2016 में मध्यप्रदेश में 33 बाघों की मौत हुई थी। अब एक और शावक की मौत के बाद वन विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं।
वन विभाग के अधिकारी के मुताबिक यह शावक छह महीने की उम्र का था और उसे जंगली भैंसो ने मार डाला। बता दें कि इससे पहले गुरूवार की रात एक बाघिन की मौत करंट लगने से हो गई थी। यह टी1 नस्ल की बाघिन गर्भवती थी, जिसे शहडोल जिले के सरवाही गांव के पास मृत पाया गया।
जहां बाघिन की मौत हुई है वह जगह संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के करीब है तथा जिला मुख्यालय से महज 120 किलोमीटर दूरी पर है। भारत में इस साल मरने वाले बाघों की संख्या आठ हो गई है।
एसटीफ (वन्यजीव) के प्रमुख आर पी सिंह ने बताया कि "ऐसा लगता है कि पहले बाघिन ने एक मानव बस्ती को पार किया होगा। साथ ही बिलजी के करंट लगने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। अब हम बाघिन के तीन शावकों के लिए चिंतित हैं जो गायब हैं। सूत्रों का कहना है कि गुरूवार को सूचना मिली थी कि एक बाघिन का शव पड़ा है, जिसकी आंखें और पूंछ बुरी तरह से जल गयी है।