भारतीय फिल्म जगत की महानायिका कहूं या फिर फिल्म इंडस्ट्री की दीवा या क्वीन आफ थिएटर...यह शमां जली तो ऐसी कि थिएटर से लेकर फिल्मों तक में हीरोइन की परिभाषा बदल डाली।
नायिकाओं को नई दिशा देने वाली बालीवुड अभिनेत्री सुचित्रा सेन के फिल्म इंडस्ट्री में दिया गया योगदान अविस्मरणीय है। शेष कोथाए, सात नंबर कायड़ी, ममता जैसी बांग्ला फिल्मों के बाद उनके अभिनय की जब आंधी चली तो सब उनके ही दीवाने हो गए।
आंधी में सुपरस्टार संजीव कुमार के संग उनके आरती देवी के कैरेक्टर को कोई नहीं भूल सकता है। वह तीस साल से पर्दे के पीछे थी, उनसे मेरी मुलाकात बेशक नहीं हुई पर उनकी पोती राइमा सेन से उनकी कहानियां मैने जरूर सुनी।
सुचित्रा सेन अभिनय को एक नई परिभाषा देने के साथ ही ट्रेंड में भी बदलाव लाई। उनकी ब्लैक एंड व्हाइट फिल्मों में भी फैशन के नए ट्रेंड देखने को मिले। हिंदी फिल्मों में जब काम किया तो नायिकाओ की परिभाषा को बदल डाला।
नायिका व्रधान फिल्में बनने लगी। नायिकाओं के लिए नए रास्ते खुले। मैने उनकी कई फिल्में देखीं और उनका ड्रेस सेंस देखा जो गजब का रहा।
ब्लाउज से लेकर साड़ी तक में एक नया अंदाज दिखाई दिया। नया फैशन देना तो मानो उनका ट्रेंड था। उनकी क्षति की भरपाई कोई नहीं कर सकता।