सीनियर सेकेंडरी स्कूल मझवाड़ (मंडी) में कार्यरत कला अध्यापिका निशा राणा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से समानित होंगी। उन्हें पांच सितंबर को राज्यपाल आचार्य डॉ. देवव्रत श्रेष्ठ शिक्षक के पुरस्कार से नवाजेंगे। उन्हें 23 साल के कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर यह पुरस्कार दिया जाएगा।
घ्राण, केहनवाल और मझवाड़ में कार्य करते हुए उन्होंने इको क्लब, नशा निवारण, संपूर्ण स्वच्छता अभियान, स्कूल स्वच्छता, स्कूल छोड़ गए बच्चों को फिर से स्कूल में लाकर पढ़ाने जैसे कार्य किए हैं। उन्होंने गरीबी और घरेलू काम के चलते दसवीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ गए बृज लाल, संतोष कुमार और दीवान चंद को उनके परिजनों को प्रेरित कर दोबारा स्कूल पहुंचाया।
इसके बाद इन छात्रों ने जमा दो की शिक्षा हासिल की। आज बृज लाल सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। संपूर्ण स्वच्छता और स्कूल स्वच्छता में भी निशा की अगुवाई में हुए कार्य को देखते हुए स्कूल को ब्लॉक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार के रूप में 30 हजार रुपये नकद पुरस्कार मिला है।
कई साल शारीरिक रूप से अस्वस्थ रहने के बावजूद इन्होंने स्कूल में होने वाली ये गतिविधियां नहीं छोड़ीं। 10 मार्च, 1961 को धर्मपुर सरकाघाट के गांव बरोटी में जन्मीं निशा राणा के पति डा. रमेश राणा जिला आयुर्वेदिक अधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त हुए हैं। दो बेटे शैलेश्वर और देवेश्वर हैं।